उबैद सिद्दीकी |
मेरठ: लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के पहले यात्रियों का हुजूम स्टेशन पर देखने को मिलता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद ट्रेन पर ब्रेक लग गया था। ट्रेन बंद होने से रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। तीन माह के लॉकडाउन के बाद ट्रेन को रेल मंत्रालय की तरफ से 25 प्रतिशत एक्सप्रेस ट्रेन को चलाया गया। 10 माह बीतने के बाद पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी नहीं मिल सकी।
सोमवार को जनवाणी संवाददाता ने स्टेशन पर लाइव कवरेज किया। आज भी प्लेटफार्म सूने दिखे। ट्रेन आने पर यात्रियों की थोड़ी भीड़ दिखी। मेरठ जंक्शन से करीब लॉकडाउन से पहले 40 ट्रेन दिनभर में गुजरती थी, जिसमें नौ ट्रेन मेरठ से चलती थी। जिसमें 15 से 20 यात्री रोजाना सफर करते थे। अगर पूरी क्षमता के साथ ट्रेन चले तो स्टेशन पर रौनक लौटेगी। प्लेटफार्म पर ट्रेन चलने के बाद पहले नजारा देखने को मिलेगा।

कम ट्रेन चलने की वजह से खाने-पीने के स्टॉल बंद
कम ट्रेन के चलने के कारण स्टेशन पर बने स्टॉल बंद पड़े हैं। स्टॉल संचालकों का कहना है कि ट्रेन कम चलने की वजह से नुकसान हो रहा था। ऐसे में स्टॉल खोलने से कोई भी फायदा नहीं हो रहा है।
पैसेंजर ट्रेन को चलाने की मांग
मेरठ सिटी जंक्शन की चलने वाली कई लोकल और शटल ट्रेन पर कोविड़-19 के चलते लगे लॉकडाउन से ट्रेनो के पहियो पर ब्रेक लग गया था। इन ट्रेन से रोजाना हजारों यात्री सफर करते थे। फिर से पैसेंजर ट्रेन चले तो स्टेशन पर यात्रियों की रौनक दिखने लगेगी।

रिजर्वेशन टिकट पर ही मिलेगी सीट
एक्सप्रेस ट्रेन में केवल रिजर्वेशन से ही यात्री अपनी सीट बुक करा सकेंगे। टिकट कंफर्म होने पर ही मिलेगी स्टेशन पर एंट्री। इन ट्रेन में जनरल टिकट वाले यात्री फिलहाल सफर नही कर सकेंगे। पैंसेजर ट्रेनो मे सफर करने वाले पैसेंजरस को अभी लोकल ट्रेन के लिए इंतजार करना होगा
संगम एक्सप्रेस को रोजना चलाने की मांग
यात्रियों ने संगम एक्सप्रेस को रोजना चलाने की मांग की है कि फिलहाल संगम एक्सप्रेस सप्ताह में तीन ही दिन चलाई जा रही है। जिसमें 400 से लेकर 500 यात्री अलीगढ़ व कानपुर होते हुए इलाहाबाद जाते हैं।
फिलहाल ये ट्रेन चल रही
- संगम एक्सप्रेस
- नौचंदी एक्सप्रेस
- नंददेवी एक्सप्रेस
- प्रयागराज एक्सप्रेस
- छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
- गोल्डन टेम्पल
- जन शताब्दी
- इंटरसिटी एक्सप्रेस
- अहमदाबाद एक्सप्रेस
- देहरादून एक्सप्रेस
- ओखा एक्सप्रेस
- बलसाड़ एक्सप्रेस
- बांद्रा एक्सप्रेस
| लॉकडाउन से पहले 40 ट्रेन रोजना आ जाती थी, 15 से 20 हजार यात्री रोजाना सफर करते थे, लॉकडाउन के बाद ज्यादातार एक्सप्रेस ट्रेन का संचालक कर दिया गया है, लेकिन पैसेंजर ट्रेन बंद है, पैसेंजर ट्रेन चलने के बाद ही स्टेशन पर रौनक दिखेगी। -आरपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक |

