- प्रशासन ने मूर्ति अनावरण की नहीं दी थी अनुमति
- भाजपा के गुर्जर नेताओं लोगों ने किया अनावरण
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: कैराना क्षेत्र के गांव तीतरवाड़ा में आदर्श ग्राम ग्रुप के युवाओं की ओर से गांव की गुर्जर चौपाल के सामने राजा मिहिर भोज की मूर्ति की स्थापना की गई थी। मूर्ति के अनावरण के लिए मंगलवार को गांव की गुर्जर चौपाल पर वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह, भाजपा नेत्री मृगांका सिंह व वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान द्वारा राजा मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण किया गया। कार्यकर्ताओं ने नेताओं व गणमान्य लोगों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह ने राजा मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि यहां कोई विवाद नहीं हैं। मुख्यमंत्री 22 सितंबर को दादरी में भी राजा मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण करेंगे। वहां भी कुछ ठाकुरों ने राजनीति के तहत विवाद की शुरुआत की थी। वहां ठाकुर समाज के लोगों ने समर्थन दिया तो वहां भी कोई विवाद नहीं हैं।

थानाभवन के अंदर कुछ चंद राजनीति लोगों के द्वारा धरना प्रदर्शन दिया जा रहा हैं। तित्तरवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम की प्रशासन द्वारा परमिशन न देने पर पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा उनको बताया गया हैं कि किसी भी मूर्ति के अनावरण करने के लिए शासन की ओर से परमिशन लेनी होती हैं, लेकिन यह गांव का लोकल का कार्यक्रम हैं। यहां कोई विवाद नहीं हैं।
इस अवसर पर भाजपा नेत्री मृगांका सिंह ने कहा कि इस विषय को लेकर अनावश्यक राजनीति हो रही हैं। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण कराने के लिए सभी को शुभकामनाएं व बधाई देती हूं। कार्यक्रम का संचालन लोकेश योगी ने किया।
इस दौरान पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, अनंतराम तंवर, सुमैर अंबावत, डा. ओमसिंह चौहान, शीशपाल भडाना, अमर सिंह, संजीव प्रधान गंगेरू, अतेंद्र सिंह चौहान, भानु चौहान, राजेश प्रधान, पप्पू प्रधान इस्सोपुरटील, राजपाल प्रधान डिंडुखेड़ा, राजेंद्र प्रधान डुढार, जिला पंचायत सदस्य विनोद कुमार, अखलाक प्रधान पंजीठ, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार, नीरज चौहान एडवोकेट, शिवेंद्र उर्फ शिवा, सुखदेव बंदाहेड़ी आदि मौजूद रहें।
कार्यक्रम की प्रशासन ने नहीं दी थी अनुमति
राजा मिहिर भोज की मूर्ति के अनावरण के लिए आयोजित कार्यक्रम की गुर्जर समाज के लोगों ने प्रार्थना पत्र देकर कैराना एसडीएम से अनुमति मांग थी, लेकिन एक दिन पहले प्रशासन द्वारा अनुमति निरस्त कर दी गई। जिसके बाद गुर्जर समाज में आक्रोश फैल गया था। गुर्जर समाज के लोगों ने प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में परमिशन निरस्त करने के आरोप लगाए थे। गुर्जर समाज ने कहा था की अनुमति मिले या ना मिले मूर्ति का अनावरण हर हाल में होगा।
भगवान रामचंद्र वन गुर्जर थे
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने कहा कि पूरे देश के अंदर गुर्जर समाज ने क्रांतिकारी करवट बदली हैं और देशभर में महान सम्राट गुर्जर प्रतिहार वंश के कुलभूषण सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति की स्थापना हो रही हैं। थानाभवन के अंदर राजपूत समाज के धरना-प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वे गलत विरोध कर रहे हैं। उनको यह भी नहीं पता कि भगवान रामचंद्र वन गुर्जर थे। इतिहास खंगाल लो। राजपूत शब्द बाद में आया। मैं राजपूतों का विरोधी नहीं हूं। वे भी हमारे भाई हैं। लेकिन वह हम से मिलकर चलेंगे तो उन्हें सुरक्षा मिलती रहेंगी। हम लड़ाकी कौम से संबंध रखते हैं।
अनावरण समारोह में यें नेता नहीं पहुंचे
गांव तितरवाडा में गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति के अनावरण समारोह में वैसे तो यूपी सहित हरियाणा व उत्तरांचल से गुर्जर नेताओं के आने की बात कही जा रही थी। कार्यक्रम में कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, कैबिनेट मंत्री कवरपाल गुर्जर, हरियाणा से विधायक धर्मसिंह छोक्कर, विधायक तेजपाल नागर, गंगोह विधायक किरत सिंह, विधायक सोमेंद्र तोमर, सपा नेता अतुल प्रधान, सहारनपुर सपा जिलाध्यक्ष रूद्रसेन, शामली जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर नहीं पहुंचे।