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मामूली विवाद को लेकर छात्र पर बर्फ तोड़ने वाले सूएं से हमला

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मामूली विवाद को लेकर छात्र पर बर्फ तोड़ने वाले सूएं से हमला
  • दिल्ली के अस्पताल में छात्र की हालत चिंताजनक पुलिस जांच में जुटी

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: विधानसभा चुनाव के चलते जहां पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दिन-रात सड़कों पर घूम रहे है और थाना पुलिस भी अपने-अपने क्षेत्रों में पीएसी और बीएसएफ के जवानों के साथ मार्च निकाल रहे है। वहीं, कुछ बेखौफ लोग चोरी, लूट व जानलेवा हमला जैसी वारदात करने से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को कस्बे की पांडुशिला रोड पर हुआ।

जहां संप्रदाय विशेष के युवकों ने एक बाइक सवार छात्र पर बर्फ तोड़ने वाले सूएं से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र का उपचार फिलहाल दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जहां पर उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है और वह कोमा में है।

कोतवाली क्षेत्र के गांव कुशावली का रहने वाला गोपाल पुत्र विनोद सरधना में कोचिंग करता है और मेरठ के माल रोड स्थित एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। सोमवार पांडुशिला रोड पर कुछ युवकों ने मामूली सी बात को लेकर गोपाल पर हमला कर दिया। हमलावरों ने गोपाल पर बर्फ तोड़ने वाले सूएं से ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

रागीरों के आने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। इसके बाद राहगीरो ने घायल को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत चिंताजनक होने पर उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहां से भी चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया।

बताया गया है कि राहगीरो ने एक हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, दिल्ली में गोपाल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और फिलहाल वह कोमा में भर्ती है। राहगीरों का कहना था कि हमलावर संप्रदाय विशेष के युवक थे और उनका झगड़ा बाइक की भिडंत को लेकर हुआ था।

पत्नी की हत्या करने वाला सिपाही नौकरी से बर्खास्त

करीब सवा छह साल पहले पुलिस लाइन में रहने वाली पत्नी की हत्या करने वाले सिपाही को एसएसपी ने जांच में दोषी पाये जाने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

पुलिस ने बताया कि वली हसन वर्ष 2015 में पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास ओ-24 टाइप प्रथम मे रहते थे। गत नौ नवंबर 2015 को सिपाही के खिलाफ अपनी पत्नी मेहताब को दहेज के लिये प्रताड़ित कर गला दबाकर हत्या कर देने के आरोपों के सम्बन्ध में थाना सिविल लाइन में मृतका के भाई ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

इस सिपाही के विरुद्ध विभागीय जांच कराई गई थी। जिससे सिपाही के खिलाफ आरोप सही साबित हो रहे थे। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए सिपाही द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाना न केवल विभागीय गरिमा के विपरीत है, अपितु घोर निंदात्मक होने के साथ-साथ सिपाही के चरित्र को भी दर्शाता है।

यदि इस प्रकार के चरित्र वाले कर्मी को पुलिस बल में बनाये रखा जाता है तो इसका कुप्रभाव अन्य पुलिस कर्मियों पर भी पड़ेगा। इस कारण से आरोपी को पुलिस बल में बनाये रखने का कोई औचित्य नहीं है। उक्त आरक्षी को कारण बताओ नोटिस निर्गत करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया, जिस पर सिपाही का प्रस्तुत स्पष्टीकरण को आधारहीन, बलहीन व निराधार पाया गया। इस पर उसे बर्खास्त कर दिया गया।