जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तमिलनाडु सरकार ने निजी स्कूलों के कैंपस में किसी भी राजनीतिक, वैचारिक या सामुदायिक गतिविधि पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि स्कूल का माहौल केवल पढ़ाई और छात्रों की भलाई के लिए सुरक्षित होना चाहिए। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 2 मार्च को एक आदेश जारी किया, जिसमें तमिलनाडु निजी स्कूल (रेगुलेशन) नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं।
नए नियम
स्कूल की बिल्डिंग, खेल का मैदान और हॉल सहित किसी भी जगह का इस्तेमाल बाहरी व्यक्ति या संस्था नहीं कर सकेगी।
राजनीतिक मीटिंग, प्रचार या किसी खास विचारधारा से जुड़े कार्यक्रम स्कूल परिसर में आयोजित नहीं हो सकेंगे।
यह पाबंदी स्कूल समय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छुट्टियों, शनिवार-रविवार और सर्दियों या गर्मियों की छुट्टियों में भी लागू रहेगी।
नियम का लक्ष्य धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले कार्यक्रमों को रोकना है।
कौन से कार्यक्रम होंगे मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रक्तदान शिविर, समाज सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, लेकिन ये राजनीतिक या धार्मिक गतिविधियों से जुड़े नहीं होने चाहिए। इन कार्यक्रमों के लिए संबंधित अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना जरूरी है और आयोजन स्कूल मैनेजमेंट की देखरेख में होना चाहिए।
नियमों में बदलाव का कारण
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव कुड्डालोर के श्री सरस्वती विद्यालय से जुड़े विवाद के बाद किया गया। दिसंबर 2025 में स्कूल ने सर्दियों की छुट्टियों में सेवा भारती को कैंप लगाने की अनुमति दी थी। शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया, लेकिन स्कूल ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी। स्कूल का कहना था कि पुराने नियम केवल स्कूल समय में गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। सरकार ने अब नियम बदलकर इस कानूनी कमी को खत्म कर दिया है।



