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वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियरों को तराश रही केंद्रीय लाइब्रेरी

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वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियरों को तराश रही केंद्रीय लाइब्रेरी
  • कृषि विवि में बनी वेस्ट यूपी की पहली आधुनिक लाइब्रेरी

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में स्थापित वेस्ट यूपी की पहली आधुनिक लाइब्रेरी आज देश के भविष्य को तराशने में लगी हुई है। यहां छात्र अध्ययन कर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रोफेसर बन रहे हैं। वहीं, आज ये लाइब्रेरी देश का भविष्य बन रहे छात्रों को तराश रही है। वेस्ट यूपी में किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस विवि को स्थापित किया गया था।

किसानों को विवि में नए नए शोध की जानकारी मिल सके और किसान अपनी आय को दोगुनी कर सके। इसके लिए यहां वैज्ञानिकों द्वारा कार्य किया गया। इस विवि में अध्ययन प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल लाइब्रेरी स्थापित की गई है। यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इस लाइब्रेरी में छात्र पढ़कर देश का भविष्य बन रहे हैं।

किसानों के हित में कार्य कर रही प्रदेश सरकार: शाही

मोदीपुरम: कृषि विवि में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों की 31वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला 26 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे। उन्होंने वैज्ञानिकों, अधिकारियों व किसानों को संबोधित करते हुए विभिन्न जानकाराी दी। उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों की 31वीं वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन 24 से 26 सितंबर तक किया जा रहा है।

कार्यशाला में प्रदेश के 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के निदेशक प्रसार भाग ले रहे हैं। मुख्य अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रदर्शन इकाईयों व तकनीकी पार्क के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया, जिससे कृषि विज्ञान केंद्र पर आने वाले किसान स्वयं तकनीकों को देखकर समझ सकें। उन्होंने राज्य के 75 जिलों में स्थापित हाईटेक नर्सरी के महत्व पर प्रकाश डाला व विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा नर्सरी उत्पादन कर आर्थिक लाभ कमाने की बात कही।

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कुलपति डा. केके सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले टेली एग्रीकल्चर कार्यक्रम, विभिन्न वाहटसएप ग्रुप के माध्यम से कृषि व मौसम संबंधित जानकारी किसानों तक सटीकता से पहुंचाने की जानकारी दी। डा. राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि सन 1974 में स्थापित प्रथम कृषि विज्ञान केंद्र पुडुचेरी से लेकर 50 वर्षों में स्थापित 731 कृषि विज्ञान केंद्रों की प्रगति व समय के साथ विभिन्न लक्ष्यों की प्राप्ति, वर्तमान कृषि के स्वरूप की स्थापना में कृषि विज्ञान केंद्रों पर जानकारी दी। डा. पी दास ने कहा कि वर्तमान समय में मौसम आधारित कृषि पद्धति अपनाने की आवश्यकता हैं।

डा. केडी कोकाटे ने कहा कि आलू की खेती में उत्तर प्रदेश राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया हैं। कार्यक्रम में दो पुस्तकों का विमोचन किया गया, साथ ही प्रदेश स्तर पर फसल अवशेष प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, अनुसूचित जाति उपयोजना, निकरा, आर्या आदि परियोजनाओं में उत्कृष्ट कार्य को लेकर 25 कृषि विज्ञान केंद्रों को सम्मानित किया गया। इस दौरान निदेशक प्रसार डा. पीके सिंह, डा. सौम्या पांडेय, डा. रामजी सिंह, डा. विवेक, डा. आरएस सेंगर, डा. रविन्द्र कुमार, डा. बीआर सिंह, डा. पंकज कुमार, डा. एसके लोधी, डा. एसके त्रिपाठी, डा. हरिओम कटियार आदि मौजूद रहे।

किसानों को फसलों का मिल रहा वाजिब मूल्य: कृषि मंत्री

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार किसानों के हित की सरकार है। आज भाजपा सरकार में किसानों को उनकी फसलों का वाजिब मूल्य मिल रहा है। देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार किसान हित की सरकार है। कृषि विवि में आयोजित सम्मेलन में शामिल होने आए कृषि मंत्री ने सरकार के द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों का गुणगान किया। विज्ञान केंद्रों के इस सम्मेलन में शामिल होने के बाद मंत्री ने निदेशक प्रसार डा. पीके सिंह की प्रशंसा की और उनके द्वारा विवि में किए जा रहे कार्यों को किसान हित में बताया।