- प्रत्याशी की हार की आशंका से हो रहे आहत
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: विधानसभा चुनाव में दुश्मनी मोल लेने वाले नेताओं के चमचों को अपने प्रत्याशी के प्रतिद्वंद्वी की जीत की संभावना के चलते अपने इलाज होने की आशंका सता रही है। चुनाव प्रचार अभियान के दौरान दबंगई दिखाने वाले चमचे कई दिन से आपसी सौहार्द का ज्ञान बाटने में लगे हैं।

विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान के दौरान अलग-अलग उम्मीदवार के खेमे में दिखाई देने वाले इलाके के कुछ छुट भैय्या नेताओं ने मयार्दाएं पार कर दी। एक-दूसरे पर खूब आरोप प्रत्यारोप लगाए गए। इस दौरान नागवार शब्द बाण छोड़ने से गुरेज नहीं किया गया।
अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट जोड़ने के लिए खूब जुबानी जंग की गई। मतदान के बाद वाक्युद्ध पर विराम लग गया अब हार जीत के आंकड़े कुछ उम्मीदवारों के चमचों को आहत कर रहे हैं। इलाके में जगह जगह चल रही चुनावी चकल्लस सुबह किसी प्रत्याशी को तो शाम को किसी प्रत्याशी को जिता रही है। कोई अपने उम्मीदवार की भारी मतों से जीत के दावे बांध रहा है तो कोई मामूली वोटों से हारजीत का गणित समझा रहा है।
जीत के आंकड़े और गुणाभाग को सुनकर कुछ विपक्षी दुखी हो रहे हैं। उन्हें चुनाव का अपेक्षित परिणाम न निकलने की दशा में अपने इलाज का खौफ सताने लगा है। जुबानी जंग लड़ने वाले चमचे चुनावी रंजिश में सत्ता के सितम की आशंका से भयभीत होकर सौहार्द का ज्ञान बाटने में लग गए है।
चुनाव नतीजों में कुछ भी सामने आने की आशंका में भाईचारा बरकरार रखने की गुफ्तगू चारों ओर सुनाई देने लगी है। चुनाव का परिणाम मतगणना के पश्चात सामने आएगा, लेकिन हार की आशंका ने कुछ चमचों की अभी से नींद उड़ा रखी है।