जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि में मंगलवार को आॅनलाइन माध्यम से परीक्षा समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए विवि कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि रामा मेडिकल कॉलेज पिलखुवा हापुड़ की छात्रा ने जनवरी और फरवरी में मेडिकल की परीक्षाएं दी थी।
छात्रा द्वारा परीक्षा में प्रत्येक उत्तर पुस्तिका पर अपना नाम और रोल नंबर अंकित किया था, जो नियमानुसार अनुचित संसाधन प्रयोग की श्रेणी में आता है। इसीलिए छात्रा को श्रेणी चार प्रदान की गई। परीक्षा समिति द्वारा सम्यक विचारोपरांत उक्त छात्रा को निर्दोष मानते हुए चेतावनी कर परीक्षाफल घोषित करने का निर्णय लिया गया।
वहीं मार्डन कॉलेज आॅफ लॉ मोहननगर गाजियाबाद की छात्रा ने पेपर कोड संख्या 4001 की परीक्षा जून 2019 में दी थी। मगर परीक्षाफल घोषित होने पर छात्रा को उक्त कोड में अनुपस्थित दर्शाया गया है। जांच कराए जाने पर उक्त छात्रा की कॉपी बीसीए कोड संख्या 402 की कॉपी में मिली।
इसी प्रकार सुंदरदीप कॉलेज आॅफ मैनेजमेंट के बीबीए के छात्र ने पेपर कोड 602 जून 2019 की परीक्षा में अनुपस्थित दर्शाया गया। जांच कराए जाने पर उक्त कॉपी बीसीए कोड संख्या 602 में पाई गई। वहीं एनसीपीई मानिकपुर दादरी गौतमबुद्धनगर की एक छात्रा ने एमए व्यक्तिगत बैक पेपर 2019 में पेपर कोड 139 की परीक्षा दी थी। जिसमें उक्त छात्रा को अनुपस्थित दर्शाया गया।
उत्तर पुस्तिका विभाग द्वारा ट्रेस कराया जाने पर पता चला कि उक्त उत्तर पुस्तिका बीए 139 के बंडल में पाई गई और उक्त का मूल्यांकन 100 के स्थान पर 50 अंकों में जांच दी गई। उक्त मामलों में परीक्षा समिति द्वारा उक्त से संबंधित परीक्षकों को विश्वविद्यालय के मूल्यांकन कार्य से एक साल के लिए डिबार करने का निर्णय लिया गया तथा संबंधित छात्रों की उत्तर पुस्तिका को संबंधित पाठयक्रमों के शिक्षकों से जांचोपरांत प्राप्त अंकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
केंद्रीय सतर्कता दल विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान मां भगवती देवी कन्या महाविद्यालय भौराकलां मुजफ्फरनगर तथा एसकेडीवी कॉलेज फॉर मैनेजमेंट एंड एजुकेशन सिकंदरपुर शामली में नकल सामग्री पाई गई थी। समिति द्वारा उक्त दोनों कॉलेजों के परीक्षा केंद्र को डिबार करने का निर्णय लिया गया है और उडाका दल द्वारा प्रस्तुत अन्य ऐसे प्रकरणों की जांच व कार्रवाई के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया।
विवि की ओर से पूर्व में डिबार किए गए आठ परीक्षा केंद्रों को चेतावनी भरा पत्र जारी किया गया था। अब उन्ही आठ कॉलेजों को नियमानुसार अुनमन्य व्यक्तिगत पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने का निर्णय लिया। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रूप नारायण, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. जगबीर भारद्वाज, प्रेसप्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

