- मांगों को लेकर भीड़ ने सड़क पर लगा दिया था जाम
जनवाणी संवाददाता |
नागल: छत्तीसगढ़ में आईटीबीपी की 38 वीं बटालियन में तैनात देवबंद के गांव अंबोली निवासी मोनू कुमार कपिल की नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान हुई शहादत पर गांव में मातम छाया रहा। जवान का शव गांव पहुंचने पर काफी भीड़ जमा हो गई। बाद में राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि जवान का शव सुबह करीब सात बजे लाया गया। करीब ग्यारह बजे तक एसडीएम देवबन्द राकेश कुमार, सीओ रजनीश उपाध्याय, नागल ब्लाक प्रमुख विजेन्द्रसिंह चौधरी, सेवा भारती के जिला संयोजक सुनील कुमार, सांसद फजलुर्रहमान अलीग, विधायक संजय गर्ग, कमल सिंह वालिया व सैनिक के भाई सोनू कपिल समेत गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने माइक को हाथ में लेकर आश्वस्त किया कि परिजनों की सभी मांग मान ली गई है। उन्होंने लिखित में आश्वासन देने व किसी बड़े अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर भीड़ हाईवे स्थित तल्हेड़ी बस स्टैंड की ओर बढ़ गई जिससे वहां जाम लग गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिलाधिकारी अखिलेश कुमार व एसएसपी डॉक्टर एस. चिन्नप्पा ने मौके पर पहुंच ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। दोपहर करीब 2 बजे जिलाधिकारी अखिलेश कुमार, एसएसपी डॉक्टर एस. चिनप्पा, एसडीएम देवबन्द, सांसद फजलुर्रहमान, नागल ब्लाक प्रमुख विजेन्द्रसिंह, बसपा नेता नरेश गौतम, पूर्व विधायक जगपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य राजपाल कर्णवाल, बुल्ला शाह व सैनिक के परिजन समेत आदि गणमान्य व्यक्तियों के बीच जिलाधिकारी द्वारा लिखित में मृतक आश्रित कोटे से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 40 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की घोषणा करने पर ग्रामीण सैनिक के शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। करीब तीन बजे जिलाधिकारी, एसएसपी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित कर राजकीय सम्मान के साथ सैनिक को गार्ड आफ आनर देकर सलामी दी गई।

