- तैयारी में जुटे राजनीतिक दल, जल्द जारी हो सकता है नोटिफिकेशन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो गई। राजनीतिक दलों के नेता निकाय चुनाव की तैयारी में जुट गए। पार्षद पद के संभावित उम्मीदवार भी फिर से लोगों से जनसंपर्क करने लगे। जल्द ही प्रदेश सरकार निकाय चुनाव को लेकर दो तीन दिन में नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट से ओबीसी आरक्षण मंजूर होने के साथ ही जल्द प्रदेश में नगर निकाय चुनाव कराने का रास्ता भी पूरी तरह से साफ हो गया है।
जनपद में एक नगर निगम, दो नगर पालिका व 13 नगर पंचायतें शामिल है, जिनमें नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई हैं। यहां तमाम राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही सक्रिय हो गये हैं। उन्हें किस सीट पर अपनी पार्टी के समर्थक को चुनाव लड़ना है। वहीं पार्टी से टिकट पाने वाले जो चुनावी मैदान में ताल ठोक सकते हैं, वह भी सक्रिय हो गये हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग है, जोकि किसी पार्टी आदि से भले ही उन्हें चुनाव लड़ने के लिये सिंबल मिले या न मिले, वह केवल उनकी सीट किस आरक्षण के अंतर्गत आती है।
उसके इंतजार में है। वह नोटिफिकेशन जारी होते ही वह भी मजबूती से चुनावी ताल ठोकने को तैयार हैं। नगर निगम के अंतर्गत 90 वार्ड आते हैं। जिसमें एक महापौर एवं 90 पार्षद निकाय चुनाव के द्वारा निर्वाचित होते हैं। वहीं, सरधना व मवाना नगर पालिका में चेयरमैन पद के साथ ही 25-25 वार्ड हैं। जिन पद चुनाव होता है। वहीं 13 नगर पंचायतें जनपद में है। जिसमें निकाय चुनाव के अंतर्गत इन नगर पंचायतों में भी चुनाव होता है।

जिसमें लावड़ में 14 वार्ड, परीक्षितगढ़ 13 वार्ड, फलावदा 13 वार्ड, शाहजहांपुर 13 वार्ड, सिवालखास 14 वार्ड, दौराला 14 वार्ड, हर्रा 15 वार्ड, हस्तिनापुर 15 वार्ड, करनावल 12 वार्ड, खिवाई 15 वार्ड, किठौर 15 वार्ड, बहसूमा 11 वार्ड, खरखौदा नगर पंचायत में 12 वार्ड शामिल हैं। नगर निगम, नगर पंचायत एवं नगर पालिका का कार्यकाल पूर्व में ही पूरा हो चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर चुनाव निर्धारित समय पर नहीं हो सके थे और अधर में लटक गये थे।
वहीं प्रदेश सरकार से ओबीसी आरक्षण को लेकर जवाब दाखिल करने को कहा गया था। सरकार ने अपना जवाब ओबीसी आरक्षण को लेकर दाखिल कर दिया था। जिसमें अब सुप्रीम कोर्ट सरकार के द्वारा भेजे गये ओबीसी आरक्षण से संतुष्ट नजर आई और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निकाय चुनाव के लिये हरी झंडी दे दी। जिसके बाद नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्र में जो भी लोग चेयरमैन एवं पार्षद एवं सभासद पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
उनमें कोर्ट के आदेश के बाद उत्साह देखने को मिला, लेकिन अब भी कौन-सा पद किस वर्ग में आरक्षित होगा उसकी गाइडलाइन जारी होने के बाद चुनावी दंगल और तेज हो जायेगा। फिलहाल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से चुनाव की तस्वीर साफ हो जाने पर तमाम राजनीतिक दल एवं चुनाव लड़ने वाले लोग गर्मजोशी के साथ फिर से सक्रिय हो गये हैं। एक-दूसरे से चुनावी चर्चा में लोग जुटे दिखाई दिये।