- बड़े भाजपा नेता संजीव बालियान का विरोध करने के पीछे आखिर मकसद क्या हैं?
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान रविवार को एक कार्यक्रम में चौबीसी में पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उनका पूरा सम्मान किया, लेकिन आठ छुटभैय्या युवक अचानक वहां पर गाड़ियों से पहुंचे और विरोध करने लगे। विरोध करने वालों में एक चीनू खेड़ा भी था, जो पिछले दिनों सरधना सीएचसी में डॉक्टर के खिलाफ भी धरना देकर बैठ गया था। ये इससे पहले सपा से जुड़ा रहा हैं।
सपा विधायक अतुल प्रधान के साथ लंबे समय तक रहा हैं, लेकिन वर्तमान में खुद को भाजपाई होना बताता हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि डा. संजीव बालियान भाजपा के बड़े नेता हैं। पार्टी में उनकी साख हैं, लेकिन छुटभैय्या कुछ युवक उनका विरोध आखिर किसकी शह पर कर रहे हैं? आखिर विरोध करने के पीछे उनका मकसद क्या हैं? अपनी ही पार्टी के बड़े नेता का विरोध क्यों कर रहे हैं? इसमें अवश्य ही राजनीति हो रही हैं।
दरअसल, चौबीसी में कई स्थानों पर डा. संजीव बालियान का स्वागत हुआ। स्वागत कार्यक्रम से जैसे ही रविवार को चौबीसी के रार्धना चौराहे पर डा. संजीव बालियान पहुंचे तो छुटभैय्या आठ युवक खड़े थे, जिसमें चीनू खेड़ा भी शामिल था, जो खुद को तथाकथित भाजपाई भी बताता हैं। इन्होंने डा. संजीव बालियान का विरोध कर दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन युवकों ने सरधना सीएचसी में डा. सचिन बालियान का विरोध किया था, वहीं युवक डा. संजीव बालियान का विरोध करने पहुंच गए थे।
आखिर इस विरोध करने के पीछे कौन हैं? लंबे समय तक सपा से जुड़े रहे तथा अतुल प्रधान का करीबी माना जाता रहा हैं, लेकिन वर्तमान अब डा. संजीव बालियान का विरोध करने के पीछे आखिर मकसद क्या था? चीनू खेड़ा समेत कई लोगों की टीम हैं, जो विरोध कर रही हैं। पुलिस ने युवकों को रोकने की कोशिश की। कपसाड़ गोशाला में कार्यक्रम था, जिसमें डा. संजीव बालियान आये थे। इस कार्यक्रम में डा. संजीव बालियान की तारीफ के पुल बांध दिये गए, लेकिन ये तारीफ कुछ लोगों को लगता है पंसद नहीं आई। इसी वजह से कुछ छुटभैय्या युवक विरोध करने पहुंच गए।
दरअसल, रविवार को केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान भामौरी गांव में भी पहुंचे थे, वहां भी लोगों ने उनका सम्मान किया। यहां से वह अकलपुरा गांव के लिए निकले, मगर इस बीच रास्ते में रार्धना चौराहे पर केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान पहुंचे तो आठ युवक खड़े थे। इन्होंने विरोध किया। इनमें चीनू खेड़ा भी शामिल था, जो सपा विधायक अतुल प्रधान का कभी करीबी रहा हैं।
ये युवक किसके कहने पर विरोध कर रहे हैं? भाजपा के बड़े नेता का विरोध करने के पीछे आखिर मकसद क्या हैं? इसकी भी पार्टी स्तर पर जांच होनी चाहिए। क्योंकि पार्टी को ऐसे युवकों की हरकतों से नुकसान हो रहा हैं। इसके बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची। युवकों को भगाने की कोशिश की। इस दौरान विरोध करने वाले युवक और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक भी हुई।

