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बेशुमार टैक्स से बिलबिला रहे व्यापारी

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बेशुमार टैक्स से बिलबिला रहे व्यापारी
  • बोर्ड बैठक में होगा निर्णय तीन कैटेगरी को ध्यान में रखकर तय होगा लाइसेंस शुल्क

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: छावनी क्षेत्र के व्यापारियों ने संयुक्त व्यापार संघ के नेतृत्व में कैंट बोर्ड पर हंगामा कर ट्रेड लाइसेंस का विरोध किया। इस दौरान कैंट बोर्ड कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा देख व्यापारी भड़क गये और उन्होंने इस मामले को लेकर कैंट बोर्ड सीईओ से फोन पर वार्ता की जिसके बाद व्यापारियों का एक दल कैंट बोर्ड सीईओ से मिला। सीईओ ने ट्रेड लाइसेंस के मामलो को बोर्ड बैठक में तय किये जाने की बात कही, जिसके बाद व्यापारी वापस लौटे।

संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री सरदार दलजीत सिंह ने बताया कि कैंट बोर्ड की ओर से छावनी क्षेत्र के व्यपारियों पर ट्रेड टैक्स लगाया जा रहा है। जिसका व्यापारियों ने विराधे किया। बोर्ड की ओर से व्यापारियों को चार दिन पूर्व नोटिस भेजे गये और उन्हें 10 मार्च तक ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिये कहा गया।

इस मामले को लेकर बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ और सदर व्यापार संघ के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान गेट पर ताला लगा देख व्यापारी भड़क गये और उन्होंने कैंट बार्ड सीईओ नवेन्द्र नाथ से फोन पर वार्ता कर गेट खुलवाया।

इस दौरान सीईओ से व्यापारियों की ओर से सरदार दलजीत सिंह, कमल ठाकुर, सुधीर रस्तोगी, प्रदीप शर्मा, सदर व्यपार संघ अध्यक्ष सुनील दुआ और महामंत्री अमित बंसल ने मुलाकात की। व्यापारियों ने सीईओ से ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिये मिनीमम और मैक्सीमम राशि पूछी लेकिन सीईओ ने कहा कि अभी तक यह तय नहीं किया गया है।

जिस पर व्यापारियों ने इसे तय करने की बात कही। सीईओ ने यह राशि बोर्ड बैठक में तय करने की बात कही। कहा कि बैठक के बाद ही इस बात पर निर्णय लिया जाएगा। वार्ता में तय हुआ कि जो पहले के ट्रेड लाइसेंस है पहले वही रिनुअवल किये जाएंगे। इन पर निर्णय बोर्ड बैठक के बाद लिया जाएगा।

तीन कैटेगरी को ध्यान में रखकर तय होगा लाइसेंस शुल्क

कैंट बोर्ड के प्रेस प्रवक्ता जयपाल तोमर का कहना है कि 16 फरवरी को रक्षा मंत्रालय की ओर से आॅनलाइन पोर्टल का शुभांरभ हुआ था, जिससे इस प्रक्रिया को आॅनलाइन किया जा सके। इस पोर्टल पर व्यापारी आॅनलाइन आवेदन कर सकता है। इससे व्यापारियों को सारी जानकारी आॅनलइान प्राप्त हो सकेगी।

वह अपनी समस्या को भी आॅनलाइन बता सकेंगे। उन्होंने बताया कि व्यापारियों को फिलहाल ट्रेड लाइसेंस के लिये आॅनलाइन आवेदन के लिये कहा गया है। इस पर तय होनी वाली राशि तीन कैटेगिरी को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। इसके लिये कमेटी का भी गठन किया गया है। कमेटी के मेंबर व्यापार का आधार हायर, मिडिल या लॉ क्लास को ध्यान में रखकर लाइसेंस शुल्क तय करेंगे।

व्यापारियों ने की सरलीकरण की मांग

संयुक्त व्यापार संघ के दलजीत सिंह ने कहा कि जिस प्रकार जीएसटी में सरलीकरण किया गया है उसी प्रकार से ट्रेड लाइसेंस में भी सरलीकरण किया जाना चाहिए। व्यापारी बोर्ड का साथ देने को तैयार होंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी बताया कि ट्रेड लाइसेंस में व्यापार की 75 कैटेगिरी को शामिल किया गया है। जिसके बाद लगभग इस प्रकार से सैकड़ों व्यापार इसमें शामिल होंगे। उन्होंने इस प्रक्रिया का सरलीकरण किये जाने की मांग की है।