जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए। इनमें से एक आतंकी, रुबानी उर्फ अबू माविया, जैश-ए-मोहम्मद का एक शीर्ष कमांडर था, जो कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय था।
यह मुठभेड़ बसंतगढ़ क्षेत्र के किया गांव के जंगलों में मंगलवार शाम को हुई। सुरक्षाबलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद सीआरपीएफ, व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने मिलकर ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया और आतंकवादियों से संपर्क साधा। करीब 20 मिनट तक चली मुठभेड़ में दो आतंकवादी बेअसर हो गए। मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, रामनगर, बसंतगढ़ और बिलावर के जंगलों में अभी भी आतंकवादियों की मौजूदगी का खतरा बना हुआ है, और इस क्षेत्र पर निगरानी जारी है। ऑपरेशन की सफलता के बाद सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में सतत निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इससे पहले, 31 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सेना की व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें तीन जवान घायल हो गए थे और एक आतंकी भी घायल हुआ था। उल्लेखनीय है कि बसंतगढ़ के जंगल किश्तवाड़ जिले तक फैले हुए हैं।
पिछले साल अप्रैल में जोफड़ क्षेत्र में भी एक मुठभेड़ हुई थी। 8 अप्रैल 2025 को यहां तीन आतंकवादियों को घेरने की सूचना थी। इसके बाद 26 नवंबर को तीन संदिग्ध आतंकवादी चिगला बलोता गांव में एक स्थानीय व्यक्ति से खाना लेकर पास के जंगलों की ओर भाग गए थे। यह इलाका जोफड़ के समीप है, और घने जंगल तथा पहाड़ी इलाके के कारण आतंकी रात के अंधेरे में बचकर निकलने में सफल हो गए थे।

