- अपनी बदहाली पर आंसू बहाता है बिनौली का श्मशान
जनवाणी संवाददाता |
बिनौली: बिनौली का श्मशान घाट प्रशासनिक उदासीनता व ग्राम पंचायत की अदूरदर्शिता के चलते आज अपनी बदहाली को लेकर आंसू बहा रहा है। श्मशान घाट की स्थिति देखकर कोई भी यह कह सकता है कि यह श्मशान है या तालाब। इस दशा में शव का दाह संस्कार करना ग्रामीणों के सामने बड़ी समस्या है।
बिनौली के पूर्वी छोर पर श्मशान घाट स्थित है। कई दशकों से प्रशासनिक उदासीनता व ग्राम पंचायत की अदूरदर्शिता के चलते श्मशान घाट की हालत बद से बदतर है।
मुक्तिधाम कहे जाने वाला यह स्थल तालाब में तब्दील हो गया है। आलम यह है कि वहां शवों का दाह संस्कार करना तो दूर दाह संस्कार स्थल भी पानी में डूबे पड़े हैं।
श्मशान भूमि दलदल बनी हुई है। जिस कारण ग्रामीणों को शव का दाह संस्कार मार्ग पर रखकर करना पड़ता है। इस विकट समस्या के चलते अधिकतर ग्रामीण तो अपने खेतों में ही दाह संस्कार करते हैं।
समस्या के समाधान के लिये ग्रामीण कई बार सांसद सत्यपाल सिंह व क्षेत्रीय विधायक सहेंद्र सिंह रमाला से मिले और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अनेकों बार प्रार्थना दिये लेकिन, आज तक समस्या का कोई समाधान नही हुआ जिसके चलते ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

