जनवाणी संवाददाता ।
गागलहेड़ी/सहारनपुर: पुवांरका ब्लॉक के ग्राम हरोड़ा अहतमाल में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वर्ष 2018 में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन छह साल बीत जाने के बावजूद यह टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। गांव में यह टंकी एक “सफेद हाथी” बनकर खड़ी है, जबकि स्वच्छ पेयजल की एक बूंद भी ग्रामीणों के घरों तक नहीं पहुंची है।
गांव के भीतर सीसी सड़कों को तोड़कर पानी की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन टंकी का कार्य बेहद धीमी गति से चलने के कारण सड़कें कई स्थानों पर अधूरी और खुदी पड़ी हैं। कभी कुछ महीनों तक काम चलता है, तो फिर महीनों तक बंद पड़ा रहता है। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
गौरतलब है कि हरोड़ा अहतमाल गांव को सहारनपुर के तत्कालीन सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में गोद लिया था। उस दौरान उन्होंने तीन महीने के भीतर टंकी का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था और जल निगम के अधिकारियों को मौके पर निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि आश्वासन के बाद भी हालात नहीं बदले। सांसद का कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन गांव को पेयजल की सुविधा अब तक नसीब नहीं हुई।
वर्षों से अधूरा कार्य, राजनीति होती रही हावी
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी का निर्माण शुरू होने के बाद से कई राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों ने इसे मुद्दा बनाया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। सालों से लोग केवल टंकी को खड़ा देख रहे हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति आज तक शुरू नहीं हुई।
दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
फिलहाल गांव में पानी की व्यवस्था घरों में लगे टैंकों और कुछ स्थानों पर ट्यूबवेल के सहारे की जा रही है। टंकी बनने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी समस्या खत्म होगी, लेकिन सप्लाई शुरू न होने से निराशा बढ़ती जा रही है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थिति यह है कि गांव के कई हिस्सों में नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिसे पीने के लिए लोग मजबूर हैं। वहीं पास में लगे एएलएम मिक्स प्लांट के कारण भी जल स्रोतों के दूषित होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पानी की टंकी को चालू नहीं किया गया तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि टंकी के अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा कर पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाए, ताकि वर्षों से चला आ रहा यह संकट समाप्त हो सके।

