
मौजूदा व्यवस्था के रहते हमारे देश में चीन के टक्कर में बड़े पैमाने का उत्पादन संभव नहीं है, क्योंकि यदि पूंजीपति वर्ग अपने उद्योगों का विस्तार करके चीन के टक्कर में बड़े पैमाने का उत्पादन करता है तो एक हद तक सस्ता माल तैयार हो सकता है और सस्ते मालों के बल पर कुछ समय के लिए चीन को टक्कर दिया जा सकता है। मगर हमारे देश का पूंजीपति वर्ग चीन के टक्कर में बड़े पैमाने पर उत्पादन कर ही नहीं सकता क्योंकि-उसके पास पूंजी का अभाव है। उसके पास आंतरिक बाजार नहीं है, क्योंकि यहां लोगों के पास क्रय शक्ति नहीं है। आर्थिक मंदी के कारण उसका माल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नहीं बिक सकता। कोई कितना भी विकसित पूंजीवादी देश क्यों न हो वह चीन के टक्कर में विराट पैमाने का उत्पादन नहीं कर पा रहा है और कर भी नहीं पाएगा, क्योंकि समाजवादी देशों में जल, जंगल, जमीन कल-कारखाना, खान-खदान, यातायात, शिक्षा, चिकित्सा, बीमा और बैंक सरकारी हैं।