Thursday, February 12, 2026
- Advertisement -

बागपत मुख्यालय पर सौ बीघा शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेगा प्रशासन

  • बागपत नगर में चिन्हित की गई 100 बीघा शत्रु संपत्ति की रिपोर्ट तैयार
  • शत्रु संपत्ति पर काट दिए प्लाट और बना दिये मकान
  • बागपत के एक बड़े घराने की अधिक संपत्ति
  • यमुना किनारे सबसे अधिक संपत्ति, प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट

मुख्य संवाददाता | 

बागपत: जिला मुख्यालय पर सख्ती के बाद 100 बीघा शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने की तैयारी हो गयी है। प्रशासन ने इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी है। बागपत नगर में 100 बीघा शत्रु संपत्ति सम्बंधित रिपोर्ट शासन को प्रेषित की गई है। खास बात यह है कि शत्रु संपत्ति पर प्लाटिंग तक कर रखी है और मकान भी बना रखे है। प्रशासन जल्द ही इस संपत्ति पर कब्जा लेगा।

शत्रु संपत्ति को लेकर 2016 में अधिनियम के बदलाव भी किये गए थे। उसके बाद शत्रु सपंत्ति चिन्हित करने में तेजी की गई। बागपत नगर में भी शत्रु संपत्ति को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इसमे तहसील से खेल होता रहा और कागजात गायब होते रहे। अब प्रशासन ने सख्ती से इसकी प्रक्रिया शुरू की तो 100 बीघा शत्रु संपत्ति चिन्हित की गई है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन ने शासन को भेज दी है। ताकि जल्द ही उसे कब्जे में लिया जा सके।

बताया जाता है कि शत्रु संपत्ति में सबसे ज्यादा यमुना पक्का घाट के पास मिली है। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बाग के पास शत्रु संपत्ति मिली है। इसके अलावा नगर के कई हिस्सों में शत्रु संपत्ति मिली है। यह संपत्ति करीब 100 बीघा के आसपास है। प्रशासन ने इस पर कब्जा करने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रशासन कब्जा करेगा। डीएम राजकमल यादव का कहना है कि संपत्ति को चिह्नित करके रिपोर्ट तैयार करके शासन को प्रेषित कर दिया गया है। जल्द ही इस पर आगे कार्यवाही की प्रक्रिया की जाएगी।

कागजो को गायब करने का खूब हुआ खेल

सूत्रों के अनुसार शत्रु संपत्ति की जांच से लेकर इसकी रिपोर्ट तैयार करने तक पूर्व में खूब खेल हुआ। बताया जाता है कि इसके दसतावेज गायब कर दिए गए थे। फिर इसकी प्रक्रिया शुरू हुई और रिपोर्ट तैयार की गई। बताया जाता है कि फाइलों से कागज गायब करने में कसर नहीं छोड़ी गई। इस खेल में कई पर गाज भी गिर सकती है। शंका यह भी है कि कहीं कोई बड़ी और महंगी संपत्ति को बचाने के लिए तो इसमे खेल नहीं हुआ था। पूर्व में अगर ऐसा न किया जाता तो यहां पहले ही शत्रु संपत्ति पर कार्यवाही हो चुकी होती।

काट दिए प्लाट, बना दिये मकान

शत्रु संपत्ति को बेचने में भी देरी नहीं लगाई गई। यमुना किनारे पक्का घाट के निकट प्लाटिंग करके वहां मकान तक बना दिये गए है। खास बात यह है कि जिन लोगों ने मकान बनाये है उन्होंने किसी ओर से प्लाट खरीदे। यानी शत्रु संपत्ति को बेचकर मोती रकम भी ली गयी है।

एक बड़े घराने की है संपत्ति

बागपत नगर में करीब 100 बीघा शत्रु संपत्ति मिलने से उन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है जिन लोगों ने प्लाटिंग करके मकान तक बना लिए है। यही नहीं अधिकांश संपत्ति बागपत नगर के एक बड़े घराने की बताई जा रही है। बताया जाता है कि उनकी यहां तमाम संपत्ति है। जिसमे से यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में चिन्हित की गई है।

क्या है शत्रु संपत्ति

शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 की धारा 8-ए की उपधारा-1 के अनुसार शत्रु संपत्ति का मतलब उस संपत्ति से है जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन ऐसे लोगों के पास था जो बंटवारे के समय भारत से चले गए थे। यह उन लोगों की संपत्ति है जो बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए या 1962 के भारत चीन युद्ध के बीच चीन चले गए और वहीं कि नागरिकता ले ली। केंद्र सरकार शत्रु संपत्ति के सार्वजनिक प्रयोग की अनुमति राज्य सरकारों को दे चुकी है। राज्य सरकार शत्रु संपत्ति का प्रयोग खासतौर पर सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए कर सकती है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP Budget 2026: योगी सरकार का बजट, 10 लाख रोजगार और लड़कियों के लिए 1 लाख रुपये सहायता

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार...
spot_imgspot_img