Saturday, April 4, 2026
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गन्ना किसानों को किया 12 हजार 530 करोड़ का भुगतान

  • 45 लाख गन्ना आपूर्ति कृषकों को यूनिक ग्रोवर कोड विकसित कर आवंटित

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: योगी सरकार-2.0 के दौरान गन्ना विभाग के 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत गन्ना आपूर्तिकर्ता कृषकों को आठ हजार करोड़ के गन्ना मूल्य भुगतान का लक्ष्य के सापेक्ष प्रदेश के गन्ना 12 हजार 530 करोड़ का भुगतान किया गया। यह भुगतान निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 55 प्रतिशत अधिक है।

गन्ना विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्तमान सरकार के मात्र पांच वर्षों के कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड एक लाख 76 हजार 686 करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ है, जो अब तक इतनी कम अवधि में किए गए भुगतान में सर्वाधिक है।

बताया गया कि 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना क्षेत्रफल के आंकलन के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी करने का लक्ष्य तय समय से पूर्व ही प्राप्त कर लिया गया। सर्वे कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण एंव डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जीपीएस सर्वे कार्य पूर्ण कराया गया।

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इस अवधि में प्रदेश के लगभग 45 लाख गन्ना आपूर्ति कृषकों को यूनिक ग्रोवर कोड विकसित कर आवंटित कर दिया गया है। दावा किया गया कि यूजीसी कोड के आवंटन से गन्ने की फर्जी खरीद पर रोक लगेगी। बिचौलियों एवं गन्ना माफियाओं का सफाया होगा, तथा धांधली पर नियंत्रण पाते हुए वास्तविक किसानों को समय से गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इसके अलावा एक लाख 10 हजार हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल में तरल नैनो यूरिया का छिड़काव कराया गया।

जो लक्ष्य के सापेक्ष 110 प्रतिशत है। 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने एवं उत्पादन लागत घटाने तथा गन्ना किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नौ सूत्रीय कार्यक्रम लागू करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसकी शत-प्रतिशत पूर्ति करते हुए नौ सूत्रीय कार्यक्रम गन्ना विकास विभाग में लागू किया जा चुका है।

जिसके अन्तर्गत गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि कर, गन्ने की उत्पादन लागत में कमी करना, प्रशिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक संस्तुतियों को कृषकों तक पहुंचाना, गन्ना विपणन और गन्ना मूल्य भुगतान, त्वरित गन्ना ढुलाई के लिए सुगम यातायात की व्यवस्था करना, चीनी उद्योग का सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण सुरक्षा, गन्ना शोध और परम्परागत खेती काबढ़ावा देना जैसे कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।

लक्ष्य से 10 गुना अधिक 50 लाख गन्ना किसानों के शेयर प्रमाण पत्र तैयार

गन्ना विभाग की ओर से प्रदेश के पांच लाख अंशधारक गन्ना किसानों को शेयर प्रमाण-पत्रों के वितरण का लक्ष्य रखा गया था। जिसके सापेक्ष निर्धारित समयावधि में सभी अंशधारक कृषक सदस्यों के लिए 50.10 लाख प्रमाण-पत्र तैयार कर लिए गए हैं। अंशधारक कृषकों को अंश प्रमाण-पत्र वितरण किए जाने का निर्णय प्रदेश के इतिहास में पहली बार लिया गया है।

बताया गया कि सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों की कार्यप्रणाली को पूर्ण पारदर्शी, जवाबदेह बनाने एवं कृषक सदस्यों को स्वामित्व का एहसास कराने के उद्देश्य से शेयर प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 15 हजार गन्ना कृषकों को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष उन्नत खेती के लिए 16,335 गन्ना कृषकों को विभाग द्वारा प्रशिक्षित कराया गया है।

प्रशिक्षित कृषक गन्ने की उन्नत खेती के माध्यम से प्रति इकाई अधिक उत्पादन कर सकेंगे एवं आय में वृद्धि होने से गन्ना कृषक आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रदेश के सभी 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं 152 गन्ना विकास परिषदों की आॅनलाइन कम्प्यूटराइज्ड बैलेंसशीट तैयार करने का लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। वहीं 25 विभागीय भवनों में यूनिक कलर कोडिंग के अनुसार रंगाई पुताई कराने का लक्ष्य पूर्ण कराने की कार्य योजना की शत-प्रतिशत पूर्ति कर ली गई।

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