- वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का लाभ ले रहे सभी लाभार्थियों का किया जा रहा सत्यापन
- लोग कई बार गलत दस्तावेज लगाकर पेंशन के लिए करते हैं आवेदन
- गलत तरीके से पेंशन लेने वालों पर बढ़ी सख्ती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पेंशनधारक अब गलत तरीके से पेंशन योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। पेंशन लेने वाले जिले के सभी पेंशनधारकों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जो भी गलत दस्तावेज लगाकर पेंशन का लाभ लेता पाया जा रहा है, उसकी पेंशन निरस्त की जा रही है। अब तक कई आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। जनपद ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में वर्तमान में कई हजार वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारक हैं।
लोग कई बार गलत दस्तावेज लगाकर पेंशन के लिए आवेदन कर देते हैं। इनमें से बहुत सारे गलत आवेदन ऐसे होते हैं जो पकड़ में नहीं आते। अब वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारकों के आवेदनों की जांच की जा रही है। इस दौरान जो भी आवेदन गलत पाए जा रहे हैं। उनके आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन के दौरान वृद्धावस्था पेंशन का प्रमुखता से जांच की जा रही है, क्योंकि हर साल विभिन्न कारणों से कई बुजुर्गों की मृत्यु हो जाती है या बहुत सारे पेंशनधारक ऐसे भी होते हैं।

जिनकी वार्षिक आय में बढ़ोतरी हो जाती है, लेकिन उनके परिजन इसकी जानकारी विभाग में नहीं देते, जिससे उनके बैंक खाते में पेंशन का लाभ जाता रहता है। साथ ही कुछ लोग गलत दस्तावेज लगाकर पेंशन लेने की कोशिश करते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का लाभ ले रहे सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। गलत तरीके से लाभ लेने वालों के आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं।
आधार कार्ड से लिंक होने पर ही मिलेगी वृद्धा पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों को जनसेवा केंद्रों से आनलाइन आधार का प्रमाणीकरण कराने के बाद बैंक जाकर भी आधार कार्ड और पासबुक की छाया प्रति जमा करना जरूरी है। इसके बाद अधिकारी लाभार्थी के आधार की सीडिंग कराएंगे। प्रमाणीकरण और सीडिंग का पूरा होने के बाद ही अगले वित्तीय वर्ष में पेंशन मिल सकेगी। आधार कार्ड से लिंक होने पर ही वृद्धा पेंशन मिल पाएगी।
यदि पेंशन और आधार कार्ड के नाम में मामूली अंतर आएगा तो भी इसे आधार कार्ड के अनुरूप ही भरना होगा। इसके लिए संबंधित पात्र निकट के जनसेवा केंद्र पर डाटा सीडिंग करा सकते हैं। एक पेंशन के लिए एक मोबाइल का ही प्रयोग होगा, जिसमें सीडिंग के दौरान ओटीपी की जरूरत पड़ेगी। ग्राम पंचायत अधिकारियों, पंचायत सहायकों और नगरीय क्षेत्रों में लेखपालों को वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों के आधार प्रमाणीकरण व आधार सीडिंग कराने की जिम्मेदारी है।
इसमें दो स्तर पर कार्रवाई की जानी है। पहले पेंशन पोर्टल पर आधार कार्ड का प्रमाणीकरण किया जाना है। इसमें लाभार्थी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे पर जाकर प्रमाणीकरण करा सकते हैं। उन्हें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति साथ ले जानी होगी। जिला प्रबंधक ई-डिस्ट्रिक ने भी जनसुविधा केंद्र संचालकों को इसके निर्देश जारी किए हैं। दूसरे स्तर पर पेंशनर के खाते में आधार सीडिंग काम काम कराया जाएगा। लाभार्थी को आधार कार्ड और बैंक पासबुक के पहले पन्ने की फोटोकापी अपने हस्ताक्षर कर बैंक में जमा करना होगा। इसे हर हाल में 30 अप्रैल तक पूरा किया जाना है।
ऐसे पूरी करें प्रक्रिया
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि लाभार्थी को अपने मोबाइल नंबर को समाज कल्याण विभाग में पंजीकृत कराना होगा। इसके पश्चात विभाग की साइट पर जाना होगा। वहां क्लिक करने पर ओल्ड एज पेंशन का विकल्प दिखेगा। वहां क्लिक करने के पश्चात बैंक एकाउंट नंबर डालकर मोबाइल पर आए ओटीपी को डालना होगा। नीचे दिख रहे कैप्चर कोड को डालकर इसे सबमिट कर देना है।
इसकी आख्या एक सप्ताह में विभाग के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। शासन की यह नई व्यवस्था है। आधार के नंबर पेंशनर के खाता से लिक होने के बाद ही अब पेंशन की धनराशि जारी की जाएगी। पेंशनर नजदीक के जनसेवा केंद्र पर अपना आधार पेंशन खाते से लिक करा लें। किसी तरह की असुविधा होने पर विभाग से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

