जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, जिसमें भगत सिंह मार्केट से अवैध अतिक्रमण हटाया था। कहा गया था कि शटर से बाहर कोई सामान नहीं रखेगा, लेकिन यहां तो उलट हो रहा है। अब व्यापारी खुद ही सड़क पर निशान मार्क कर अतिक्रमण का दायरा बढ़ा दिया है। शटर से करीब तीन फीट आगे निशान लगाकर मार्क कर दिया गया है। इसको लेकर नगर निगम के अधिकारी भी चुप है।
नगरायुक्त डा. अरविन्द चौरसिया हाल ही में कोरोना से लड़ाई लड़ने के बाद घर लौटे है। उससे पहले ही भगत सिंह मार्केट के व्यापारियों ने खुद ही सड़क पर लाइन लगाकर मार्क कर दिया। पट्टी खींचने (लाइन मार्क) का काम खुद व्यापारी ही रात में कर रहे हैं। अब व्यापारी कह रहे है कि खींची गई पट्टी से आगे सामान सड़क पर नहीं रखा जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों की उस दलील का क्या होगा, जिसमें कहा गया था शटर से आगे दुकान का सामान रखा गया तो चालान काट दिया जाएगा। क्योंकि वर्तमान में चालान काटने का अधिकारी भी नगर निगम ने सफाई नायकों को दे दिया है। मौके पर ही सफाई नायक व्यापारियों से जुर्माना वसूल सकते हैं।
इसको लेकर फिर से नगर निगम व व्यापारियों के बीच टकराव के हालात बन सकते हैं। हालांकि तब व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने का विरोध भी किया था, लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने एक नहीं सुनी थी। अब फिर से इस पर निगम अधिकारी क्या निर्णय लेंगे, यह तो समय ही बतायेगा, लेकिन इतना अवश्य है कि अतिक्रमण के मुद्दे पर नगर निगम को व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।
सड़कों से अतिक्रमण हटने के बाद ही जनता को राहत मिल सकती है। अकेले भगत सिंह मार्केट हीं नहीं, बल्कि शहर की अधिकांश मार्केट में हालात ऐसे ही है, जिन पर नगर निगम अफसरों को काम करने की जरुरत है। सोतीगंज में ही देख ले तो वहां पर दुपहिया वाहन भी क्रास नहीं कर पाता है। बड़ी मुश्किल से ही सड़क क्रास की जाती है।

