Saturday, April 25, 2026
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डबल मर्डर का सूत्रधार निकला दामाद, तीन हत्यारोपी जेल गए

  • एक माह पहले बनाई थी योजना, बेटी को मारना था मुख्य उद्देश्य
  • शक की सुई मृतका की बेटी स्नेहा पर भी, 40 लाख नकद, 50 लाख के आभूषण बरामद

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शास्त्रीनगर के जी ब्लॉक में रहने वाली दारोगा की पत्नी कौशल चौधरी और धेवती तमन्ना की निर्ममता से हत्या करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया गया। इस डबल मर्डर का सूत्रधार मृतका का दामाद ईशु निकला उसने संपत्ति कब्जाने और बेटी की हत्या करने के लिये एक महीने पहले योजना बना ली थी।

पुलिस ने हत्यारोपियों से 40 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये कीमत के जेवरात बरामद किये हैं। पुलिस तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करेगी। एसएसपी ने 12 घंटे में डबल मर्डर को खोलने वाली नौचंदी पुलिस और सर्विलांस की टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि हत्यारोपी ईशू पुत्र करन सिंह ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में स्नेहा पुत्री रतन सिंह से शादी की थी। स्नेहा की यह दूसरी शादी थी। क्योंकि स्नेहा के पहले पति की मृत्यु हो गयी थी। स्नेहा के पहले पति से स्नेहा को एक बेटी ही थी, परन्तु जब स्नेहा ने मुझसे शादी की थी तो मैंने व स्नेहा ने यह बात अपने परिवार वालों व रिश्तेदारों को नहीं बतायी।

मेरे परिवार वालों व रिश्तेदारों को आज तक भी यह जानकारी नहीं है कि स्नेहा की पहले पति से भी कोई संतान है। स्नेहा की यह बेटी तमन्ना उर्फ कुट्टू अपनी नानी के पास शास्त्रीनगर में ही रहती थी। स्नेहा के पहले पति के हिस्से की सम्पत्ति भी स्नेहा के पिता ने तमन्ना के नाम करा दी थी तथा अपने मरने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी मकान व पैसे तमन्ना के नाम करा दिये थे।

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तमन्ना छोटेपन से ही अपने नाना-नानी के साथ रह रही थी, जिसके कारण उसका लगाव उन्हीं से अधिक था तथा वह उन्हीं को मम्मी-पापा कहती थी। मेरी भी एक आठ माह की बेटी है, परन्तु स्नेहा का ध्यान हमेशा अपनी पहली बेटी तमन्ना उर्फ कुट्टू की तरफ ही रहता था और वह उसी से लगाव के कारण निरन्तर शास्त्रीनगर आती-जाती रहती थी तथा अपनी छोटी बच्ची पर कम ध्यान देती थी।

मुझे यह बात अंदर ही अंदर खलती रहती थी। मैंने अपने ससुर के मरने के अगले दिन ही अपने साथी रिंकू से इस सम्बन्ध में बात की तो रिंकू ने कहा कि दीपक व विशांत से बातकर कोई योजना बनाते है और फिर हम चारों ने मिलकर तमन्ना उर्फ कुट्टू व मेरी सास कौशल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी ने बताया कि तमन्ना व सास कौशल के मरने से मुझे उसके हिस्से की सम्पत्ति मिल जायेगी तथा मेरी पत्नी का ध्यान उधर से हटकर अपने परिवार व बच्ची पर आ जायेगा।

आरोपी ने बताया कि इस कार्य के लिये अपने साथी रिंकू, विशान्त व दीपक को एक-एक लाख रुपये देने का वादा भी किया था, क्योंकि पता था कि मेरी सास के घर में करीब 40-50 लाख रुपये व ज्वैलरी रखी हुई है। योजना के अनुसार दो दिन पहले मैंने रिंकू, विशांत व दीपक से बातकर कुट्टू को मारने की सात तारीख फिक्स कर दी थी और सात तारीख की सायं को मैं व स्नेहा शास्त्रीनगर आये थे।

मैं स्नेहा को छोड़कर साथियों से बात करने चला गया था तथा रिंकू व दीपक को चाकू दे आया था तथा उन्हें यह भी बता दिया था कि पैसे व ज्वैलरी अलमारी के ऊपर के खाने में और दीवान में रखी है। स्नेहा करीब 12.30 बजे तक मां व बेटी के साथ रही, उसके बाद मैं उसे लेकर घर माधवपुरम चला गया था। हमारे जाने के एक घंटे बाद रिंकू, विशांत व दीपक ने योजना के अनुसार मेरी सास को पैसे मांगने के बहाने फोन करके घर का गेट खुलावाया और अंदर घुसकर मेरी सास व तमन्ना का काम तमाम कर दिया तथा घर में रखी नकदी व ज्वैलरी लूट कर ले गये।

योजनानुसार उन्होंने मेरे हिस्से के रुपये व ज्वैलरी वहीं दीवान बेड में रख दी थी तथा अपने-अपने हिस्से की रकम लेकर चले गये थे। एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होगी। हत्याकांड खोलने में एसपी सिटी विनीत भटनागर, सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह, इंस्पेक्टर नौचंदी जितेंद्र कुमार सिंह, सर्विलांस टीम प्रभारी योगेंद्र सिंह, एसएसआई महेंद्र सिंह, दारोगा के के गौतम, लोकेश अग्निहोत्री, रुद्र प्रताप सिंह समेत सत्रह पुलिसकर्मियों का योगदान रहा।

नानी को मरते देख तमन्ना चीखकर रो पड़ी

किस हद तक जालिम और पत्थर दिल था हत्यारोपी रिंकू जिसने 12 साल की मंदबुद्धि तमन्ना का गला काटने के बाद पेट पर ताबड़तोड़ चाकू मारे। तमन्ना का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने नानी को मरते देख रोना शुरु कर दिया था। संपत्ति और दौलत के लालच में ईशु इस कदर पागल हो गया था कि उसने दोस्त रिंकू और विशांत से सास और बेटी की हत्या करने का फरमान जारी कर दिया था।

हत्यारोपी रिंकू ने पूछताछ में बताया कि उसने महिला की हत्या करने के लिये जैसे ही चाकू मारा तो तमन्ना जाग गई और रोने लगी। आरोपियों को लगा कि तमन्ना राज न खोल दे, इसलिये पहला चाकू गले में मारा जिससे वो मरणासन्न हो गई, इसके बाद उसके पेट में पांच सात चाकू मार दिये ताकि वो मर जाए।

स्मैक के कारोबार से लाखों कमाये हत्यारोपी ईशु ने

दारोगा की पत्नी कौशल चौधरी और धेवती तमन्ना की हत्या के आरोप में जेल गए ईशु का स्मैक का काला कारोबार था और उसने काफी दौलत भी कमाई थी। ड्रग्स के मामले में दो बार जेल भी जा चुका था। एसएसपी ने ईशु के काले कारोबार में माधवपुरम पुलिस चौकी की भूमिका की जांच के लिये सीओ को जांच सौंपी है।

माना जा रहा है कि दोहरे हत्याकांड के बाद बरामद किये गए 40 लाख रुपयों में इसकी काली कमाई भी होगी। डबल मर्डर का आरोपी ईशु पुत्र करन सिंह निवासी अंबेडकर नगर माधवपुरम के खिलाफ 2014 में चोरी का मुकदमा ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज हुआ था। इसके अलावा इसी थाने में धोखाधड़ी और चोरी का फिर से मुकदमा दर्ज हुआ था। 2013 में लिसाड़ीगेट थाने में चोरी, ड्रग्स और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।

2020 और 2021 में ब्रह्मपुरी थाने में तीन मुकदमे मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हुए थे। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि ईशु के बारे में जानकारी मिली है कि ड्रग्स के कारोबार में इसका हाथ है और माधवपुरम में स्मैक बेचने का काम करता है। बताया कि माधवपुरम में वर्षों से स्मैक का धंधा बेखौफ चल रहा था और माधवपुरम पुलिस चौकी इससे बेखबर कैसे हो सकती है। इसकी जांच के लिये सीओ को कहा गया है। अगर इसमें किसी भी पुलिसकर्मी की सेटिंग पता चली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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