Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

घर में पड़े दो शव, बेटी निकाल कर ले गई 18 लाख और जेवर

  • आईजी और एसएसपी की मौजूदगी में भी इस रकम का खुलासा नहीं किया
  • पुलिस ने लटका दी आरोपी की पत्नी के सिर पर तलवार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जी ब्लॉक के 30 मीटर के मकान में जहां कभी चहलकदमी होती रहती थी, वहां सोमवार की सुबह नानी और धेवती की रक्तरंजित लाश पड़ी हुई थी। मृतका की बेटी स्नेहा ने मां और बेटी की लाश को देखकर आंसू भी नहीं बहाये, इससे पहले वो भागकर कमरे में गई और बेड के अंदर रखे 18 लाख रुपये और 50 लाख के करीब जेवर निकाल कर कार में रख दिये। इस रकम की जानकारी स्नेहा ने तब तक पुलिस को नहीं दी जब तक उससे सख्ती से पूछा नहीं गया। अब पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में स्नेहा पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

दारोगा की पत्नी कौशल और उनकी धेवती की निर्मम हत्या में शामिल ईशु के शातिराना दिमाग को स्नेहा समझ पाई कि नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन जिस तरह से हत्याकांड का पता लगते ही माधवपुरम से भागकर आई स्नेहा ने कमरे में पड़ी मां और बेटी की लाश पर दो आंसू बहाने से पहले बेड के अंदर रखे 18 लाख रुपये और 50 लाख के करीब के जेवरात निकाले और भागकर बाहर आई और ईशु की कार के अंदर रख दिये।

यह राज हमेशा राज ही रहता, लेकिन पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने पुलिस को बताया कि इस कार में काफी माल रखा हुआ है। जब कार के मालिक ईशु से पुलिस ने चाबी मांगी तो उसने आनाकानी करनी शुरु कर दी। इस पर एसपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि कार को खिंचवा कर थाने ले आओ। तभी किसी ने कार की चाबी लाकर दे दी।

03 9

कार के अंदर रखी नकदी व जेवरात बरामद हो गए। जब इस बारे में स्नेहा से पुलिस ने पूछा तो उसने कहा कि वो अपनी मां के साथ शुरू से पैसा एकत्र करती आ रही है। जब पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उस वक्त तो 500 के नोट नहीं चलते थे, इस पर वो खामोश हो गई। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि स्नेहा को मुलजिम बनाया जाएगा कि नहीं, इस पर कानूनी राय ली जा रही है।

धारा 404 क्या कहती है?

अगर कोई व्यक्ति मृत पड़ा हो, उसके पास रखी नकदी, जेवरात या अन्य संपत्ति का बेईमानी से गबन या दुरुपयोग करना धारा 404 के तहत अपराध है। इसके लिये उसे तीन वर्ष तक कारावास और आर्थिक दंड के लिये उत्तरदायी होगा। अगर कोई ऐसे समय में लिपिक या नौकर के रूप में साथ तो सात साल की सजा मिलेगी। यह एक जमानती और गैर संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के न्यायाधीश के द्वारा विचारणीय है। यह समझौता करने योग्य नहीं है।

पत्नी के पहले पति की संपत्ति भी हड़पना चाहता था ईशु

सास और सौतेली बेटी की हत्या करवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले ईशु की निगाहें सिर्फ और सिर्फ संपत्ति पर टिकी हुई थी और वो किसी भी हालत में ससुराल की दौलत के अलावा पत्नी के पहले पति की संपत्ति भी कब्जाने का प्रयास कर रहा था। इस काम के लिये उसने अपनी पत्नी स्नेहा का पूरी तरह से इस्तेमाल किया और पहले पति की दौलत पर कब्जा करने के लिये दबाव भी डलवा रहा था।

एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि स्नेहा का दूसरा पति ईशु काफी शातिर दिमाग का है और स्मैक के काले कारोबार में लिप्त है। उसकी निगाह अपनी पत्नी के मायके और पहले पति वाली ससुराल पर टिकी हुई थी। ईशु ने स्नेहा पर दबाव डालकर पहले पति संदीप चौधरी की मौत के बाद सास सावित्री चौधरी से जागृति विहार के सेक्टर पांच में स्थित एक करोड़ से अधिक की कीमत वाले मकान का आधा हिस्सा मांगना शुरु कर दिया था।

इससे पहले स्नेहा ने अपनी पहली सास सावित्री से बेटी तमन्ना की परवरिश के लिये 12 लाख रुपये ले लिये थे। वो दबाव डाल रही थी कि एक करोड़ का मकान बेचकर 50 लाख रुपये तमन्ना को दिलवाये जाएं। इससे पहले पहले पति के एक रिश्तेदार गोलू ने यह मकान अपने नाम करवा लिया था। ईशु की योजना थी स्नेहा की मां और तमन्ना की हत्या करके गोलू को फंसा दिया जाए। ईशु इस योजना में सफल नहीं हो पाया। वहीं ईशु ने अपनी पत्नी पर दबाव डालकर बागपत में स्थित पहले पति के पैतृक मकान पर कब्जे का प्रयास शुरु कर दिया था।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img