- कोरोना प्रोटोकाल का हर हाल में करें पालन:सीएमओ
- कोविड से बचाव के लिए प्रीकॉशन डोज लगवाएं
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: कोरोना और मंकी पाक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव मांगलिक ने जनपद वासियों से अपील की है कि वह कोरोना और मंकीपाक्स को लेकर सतर्क रहें। कोविड-19 प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन करें और सभी पात्र व्यक्ति कोरोना से बचाव के लिए प्रीकॉशन डोज अवश्य लगवाएं।
हालांकि जनपद में मंकीपाक्स का कोई केस नहीं आया है, लेकिनइसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिला अस्पताल में नौ बेड संरक्षित किए गए हैं। जनपद में कोरोना के मामले फिर बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह में कोरोना संक्रमितों की संख्या सौ के पार हो गई है। ऐसे में सीएमओ डा. संजीव मांगलिक ने जनपद वासियों से अपील की है कि वह कोविड प्रोटोकाल का ध्यान रखें। इसी में खुद, घर-परिवार और समुदाय की जलाई है। मास्क, एक-दूसरे से उचित शारीरिक दूरी और हाथों की स्वच्छता अब जरूरी है।
इससे कोरोना ही नहीं, मंकी पाक्स के साथ ही टीबी, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों और वायु प्रदूषण से भी सुरक्षा हो सकेगी। सीएमओ ने बताया- मंकी पाक्स चेचक से मिलता-जुलता कम गंभीर लक्षण वाला वायरल रोग है। हालांकि, मंकी पाक्स और चिकन पाक्स का कोई नाता नहीं है। मंकी पाक्स का प्रमुख लक्षण शरीर पर चकत्ते और बड़े दाने नजर आना है। इसके साथ ही लिफ्ड नोड में सूजन, बुखार और सिर दर्द भी हो सकता है। मानव से मानव में इसका संक्रमण, लंबे समय तक रोगी के निकट संपर्क में रहने,रोगी के घावों की मरहम-पट्टी आदि के सीधे संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों या बिस्तर के इस्तेमाल से हो सकता है। उन्होंने बताया – संक्रमण क्षेत्र वाले जानवरों जैसे-गिलहरी, बंदर, चूहे आदि के काटने से भी यह वायरल रोग फैल सकता है। ऐसे में बचाव बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया -विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जहां मंकीपाक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है, वहीं भारत सरकार ने भी इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है।
बरतेंसावधानी:
बुखार, सिरदर्द व बदन दर्द तथा शरीर पर दाने नजर आयें तो मरीज को अलग कमरे में आइसोलेट करें।
मरीज के लिए अलग बाथरूम की व्यवस्था हो या फिर उसकी अच्छे से साफ-सफाई की जाए।
मरीज के बर्तन, चादर आदि छूने पर अच्छी तरह से हाथ की सफाई करें।
दूसरों से उचित शारीरिक दूरी बनाकर रखें।
शरीर के दाने अथवा घाव को कपड़े या फिर पट्टियों से ढक कर रखें।
अच्छी तरह से ट्रिपल लेयर वाला मास्क पहनें।

