Tuesday, April 7, 2026
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52 सालों से संचालित मदरसे की नहीं मिली मान्यता

  • बिना मान्यता के संचालित 29 मदरसों का किया जा रहा सर्वे
  • एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने जुटाई आवश्यक जानकारी

जनवाणी संवाददाता |

कैराना: शासन के निर्देश पर कैराना तहसील क्षेत्र में भी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है। एसडीएम ने टीम के साथ मदरसों में पहुंचकर जांच-पड़ताल की। इस दौरान करीब 1970 से संचालित एक मदरसे की मान्यता नहीं मिली। एसडीएम ने रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कहीं हैं।

शनिवार को उप जिलाािकारी शिवप्रकाश यादव व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंशुल चौहान मदरसों के भौतिक सत्यापन के लिए नगर के मोहल्ला आलकलां स्थित मदरसा फैजुल उलूम में पहुंचें। जहां उन्होंने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए मदरसे की मान्यता के बारे में जानकारी की तथा बच्चों एवं अयापकों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। इस दौरान मदरसे के आय के स्रोत के बारे में जानकारी की गई। जमीन का बैनामा भी मांगा गया। मदरसा संचालक कारी मेहरबान ने बताया कि बच्चों से फीस लेकर अध्यापकों का वेतन दिया जाता है। मदरसा बदरूल उलूम गढ़ीदौलत की देखरेख में चलाया जाता है। अधिकारियों ने मदरसे में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों से अंग्रेजी भाषा में नाम पूछे और देश के प्रधानमंत्री के नाम के बारे में जानकारी की गई। बच्चों ने सही जवाब दिए।

इसके बाद पानीपत रोड पर स्थित मदरसा इशातुल इस्लाम में भी दोनों अधिकारियों ने भी जांच-पड़ताल की। जांच में मदरसे की मान्यता नहीं मिली। बताया गया कि मदरसे की स्थापना करीब वर्ष 1970 में हुई थी। मदरसे के संचालक मौलाना बरकतुल्ला अमीनी ने बताया कि वर्तमान में मदरसे में करीब 200 बच्चे पढ़ाई करते हैं। जिनमें कुछ बच्चे बाहर के भी पाए गए। एसडीएम ने हिदायत दी कि बाहर के बच्चों को रात्रि में मदरसे में न रखा जाए। इसके लिए अनुमति लेने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मदरसे के बाद स्कूल में जाने वाले बच्चों की जानकारी भी की। मदरसा संचालक ने बताया कि मदरसा दारूल उलूम की देखरेख में चलता है। दारूल उलूम की ओर से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। इसलिए आज तक मदरसे की मान्यता नहीं कराई गई। वहीं प्रशासन की जांच के चलते गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

एसडीएम शिवप्रकाश यादव ने बताया कि 11 बिंदुओं पर गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच की जा रही है। जिसमें मदरसे को कौनसी संस्था चला रही है। स्थापना कब हुई थी। शिक्षक व बच्चों की संख्या कितनी है तथा आय का स्रोत क्या हैं, आदि शामिल है। कैराना तहसील क्षेत्र में बिना मान्यता के 29 मदरसे मौजूद हैं। सभी की जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने के पश्चात रिपोर्ट शासन को भेजी की जाएगी।

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