Wednesday, March 25, 2026
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जांच में एलआईयू दारोगा की संलिप्ता सही

  • फर्जी पासपोर्ट का मामला: मवाना सर्किल से हटाया डीजी खुफिया ने दिये थे कार्रवाई के निर्देश
  • पांच साल से मठाधीश दारोगा कर रहा है जांच के नाम पर वसूली

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मवाना क्षेत्र में फर्जी पासपोर्ट बनवाने की गूंज लखनऊ से लेकर मेरठ खुफिया विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने के बाद स्थानीय एलआईयू दारोगा की खुफिया एजेंसी से जुड़ी सीओ सुनीता वर्मा द्वारा कराई जाने के बाद मामला साफ हो गया और कार्रवाई के बिना उसका तबादला मवाना सर्किल से हटाकर मेरठ कर दिया।

जनवाणी संवाददाता द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने वाले एलआईयू दारोगा की मिलीभगत साफ नजर आते हुए आरोपी की गिरफ्तारी से लेकर एलआईयू दारोगा की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा था। जिसका असर देखने का मिला।

उच्चाधिकारियों ने दारोगा को हटाने की कार्रवाई करते हुए अग्रिम जांच शुरू कर दी है। वहीं ट्विटर हैंडल चलाने वाले संचालकों ने जनवाणी खबर को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों को टैग कर पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराने की मांग उठाई है।

मवाना में करीब पांच साल से मठाधीश बने बैठे खुफिया विभाग के दारोगा का गुरुवार शाम तिलस्मिम टूट गया है। एटीएस की टीम ने भी एक व्यक्ति के नाम से दो फर्जी पासपोर्ट बनने की जानकारी अपने अधिकारियों को देने के बाद दारोगा की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये थे।

ये था मामला

मवाना के मोहल्ला कल्याण सिंह अटोरा रोड निवासी मुंशी पुत्र सिराजुद्दीन ने अपनी अलग-अलग दस्तावेज के आधार पर दो फर्जी पासपोर्ट बनवाने में कामयाब होने के पीछे स्थानीय खुफिया विभाग से जुड़े दारोगा की बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद एटीएस की टीम ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए गत दिनों थाना मवाना पहुंची थी। एटीएस ने खुफिया एजेंसी से जुड़े दारोगा जितेन्द्र कुमार एवं एजेंट की मिलीभगत सामने आने की बात उच्चाधिकारियों को बताई जाने के बाद पुलिस एवं खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया।

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मवाना के मुंशी पुत्र सिराजुद्दीन ने सर्वप्रथम आधार कार्ड से वर्ष 2012 में मुंशी नाम से अपना पासपोर्ट बनवाया था, लेकिन इसके विपरीत वर्ष 2020 में एलआईयू दारोगा से एजेंट ने मिलीभगत कर आधार कार्ड में मुंशी से अपने नाम में फेरबदल कर मोहम्मद मुंशी पुत्र सिराजुद्दीन करने के बाद दूसरा फर्जी पासपोर्ट बनवाने में कामयाब हो गया। एक वल्दियत ओर फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले युवक का अलग-अलग होने की बात एटीएस की पकड़ में आने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

पुलिस को अवगत कराने पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले मुंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले की कड़ी खुलती चली गई। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपी को जेल भेजने के बाद जनवाणी लगातार खुफिया तंत्र फेल एजेंटो का खेल एवं डीजी खुफिया ने लिया संज्ञान, सीओ को सोंपी जांच शीर्षक से समाचार की गूंज लखनऊ तक पहुंचने के बाद खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गयी थी। लखनऊ खुफिया विभाग से जुडेÞ डीजी ने पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए नाराजगी जताते हुए स्पेशल खुफिया क्षेत्राधिकारी से प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।

सीओ सुनीता वर्मा द्वारा कराई जांच में एलआईयू दारोगा जितेन्द्र कुमार की संलिप्ता सही मिलने के बाद उक्त को मवाना सर्किल से हटाकर मेरठ बुला लिया। जबकि फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपी मुंशी पुत्र सिराजुद्दीन सलाखों के पीछे है। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपी मुंशी का दूसरा फर्जी पासपोर्ट बनने पर एटीएस की टीम एलआईयू दारोगा की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी थी।

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