Tuesday, May 26, 2026
- Advertisement -

प्लेआॅफ पर विराट की निगाहें 

  • प्लेआॅफ पर विराट की निगाहें 
  • प्रसारण शाम 7.30 बजे से 
शारजाह, भाषा: लगातार दो हार से आहत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) आज यहां आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ होने वाले मैच में जीत दर्ज करके प्लेआॅफ में जगह सुरक्षित करने की कोशिश करेगा।
लेकिन विराट कोहली की टीम के लिए यह काम आसान नहीं होगा क्योंकि सनराइजर्स की टीम भी प्लेआॅफ की दौड़ में बनी हुई है और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत से उत्साह से ओतप्रोत है।  अभी केवल चेन्नई सुपरकिंग्स ही एकमात्र ऐसी टीम है जो प्लेआॅफ की दौड़ से बाहर हुई है। उसने गुरुवार को कोलकाता नाइट राइडर्स पर आखिरी गेंद पर जीत दर्ज करके उसके समीकरण भी बिगाड़ दिए। अब तक केवल मुंबई इंडियंस ही प्लेआॅफ में जगह पक्की कर पाया है। चेन्नई को छोड़कर बाकी छह टीमें दौड़ में बनी हुई हैं। इनमें आरसीबी और सनराइजर्स भी शामिल हैं। चेन्नई और मुंबई से पिछले दो मैच गंवाने के बावजूद अंकतालिका में आरसीबी अभी सनराइजर्स से बेहतर स्थिति में है। आरसीबी को प्लेआॅफ में जगह सुनिश्चित करने के लिए सनराइजर्स और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होने वाले आखिरी दो मैचों में से एक मैच जीतना होगा। अपने दोनों मैच गंवाने के बाद भी आरसीबी के 14 अंक रहेंगे और वह तब भी बेहतर नेट रन रेट के आधार पर क्वालीफाई कर सकता है लेकिन इसके लिए उसे अन्य मैचों में भी अनुकूल परिणाम की दरकार रहेगी। वैसे अंतिम दो मैचों में हार पर आरसीबी का नेट रन रेट प्रभावित होगा और ऐसे में वह बाहर हो सकता है। सनराइजर्स के अभी 12 मैचों में 10 अंक हैं। उसे नाकआउट में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखने के लिए बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे। सनराइजर्स को आरसीबी के बाद मुंबई का सामना करना है। सनराइजर्स के लिए दोनों मैचों में जीत भी पर्याप्त नहीं है। उसे यह उम्मीद करनी होगी कि आरसीबी, दिल्ली (दोनों 14) और किंग्स इलेवन पंजाब (12 अंक) में से कोई 16 अंक तक नहीं पहुंच पाए। ऐसी स्थिति में सनराइजर्स बेहतर रन रेट पर प्लेआॅफ में पहुंच सकता है। अगर प्रदर्शन की बात करें तो आरसीबी को लगातार दो हार के बाद अब संभलकर खेलने की जरूरत है। इन हार से निश्चित तौर पर उसका मनोबल गिरा होगा।
spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

एआई पर बदला सैम ऑल्टमैन का नजरिया, बोले- इंसानों की जगह लेना आसान नहीं

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन...
spot_imgspot_img