- वेतन में 10 प्रतिशत तक वृद्धि, 280 बैंककर्मियों को एक अप्रैल 2021 से मिलेगा पुनरीक्षित वेतनमान का का लाभ, लिखित समझौते के बाद आंदोलन समाप्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिला सहकारी बैंक की मेरठ और बागपत स्थित 53 शाखाओं में कार्यरत 280 कर्मचारियों को आखिरकार उनके आंदोलन में कामयाबी मिल गई है। वेतन पुनरीक्षण की मांग को स्वीकार करते हुए संयुक्त आयुक्त व संयुक्त निबंधक सहकारिता और सचिव/कार्यपालक अधिकारी ने संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों को इस संंबंध में समझौता पत्र सौंप दिया है।
समझौते के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि एक अप्रैल 2021 से लागू मानी जाएगी। सचिव के अनुसार इससे बैंक पर करीब सात करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। इस समझौते के साथ ही बैंक कर्मियों ने चेयरमैन विमल कुमार शर्मा के आवास पहुंचकर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए चार माह पुराना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है।
कोआॅपरेटिव बैंक स्टाफ एसोसिएशन एवं कोआॅपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन के संयुक्त मोर्चा की ओर से जिला सहकारी बैंक कर्मियों ने पहले चरण में सात जून से आंदोलन किया। इस दौरान प्रबंध समिति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के आधार पर कर्मियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। जिसको दो दिन पहले फिर एक्टिव करते हुए मुख्य कार्यालय पर क्रमिक अनशन शुरू किया गया।
इस बार बैंक कर्मियों के संयुक्त मोर्चे को अपने आंदोलन में सफलता मिल गई। शुक्रवार को संयुक्त आयुक्त व संयुक्त निबंधक सहकारिता संजीव कुमार राय और सचिव/कार्यपालक अधिकारी सुमनवीर सिंह ने आंदोलनरत कर्मियों की मांग को मानते हुए उन्हें समझौता पत्र सौंप दिया। सचिव सुमनवीर सिंह ने बताया कि प्रबंध समिति के सभापति विमल कुमार शर्मा की सहमति के आधार पर वेतन पुनरीक्षण की मांग को पूरा किया गया है।
इसमें गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण करके लागू किए जाने के बाद ऐसा करने वाला मेरठ चौथा जनपद बन गया है। समझौता पत्र मिलने के बाद दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने सभापति विमल कुमार शर्मा के आवास पर पहुंचकर उनको धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इस अवसर पर सीबीएसए अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह, मंत्री महिपाल सिंह, सीबीईयू अध्यक्ष नगेन्द्र सिंह, मंत्री अवधेश सरोज आदि मौजूद रहे।
ऐसे होगा पुनरीक्षित वेतनमान का निर्धारण
जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतनमान में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसे एक अप्रैल 2021 से लागू माना जाएगा। महंगाई भत्ता अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक हजार रुपये (त्रैमासिक औसत ) से 6302 अंक के ऊपर प्रत्येक अंक के बढ़ने घटने पर प्रति स्लैब महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी होगी। तथा इस आधार पर 0.07 प्रति स्लैब की दर से महंगाई भत्ता देय होगा। किराया भत्ता समस्त कर्मचारियों को आवास भत्ता, मूलवेतन का 15 प्रतिशत अथवा अधिकतम छह हजार रुपये प्रतिमाह देय होगा।
चिकित्सा एवं अन्य भत्ते वर्तमान देय कर्मचारियों के चिकित्सा एवं अन्य भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए भुगतान किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता स्टेगनेशन इन्कीमेन्ट एवं समयमान वेतनमान में वर्तमान व्यस्था लागू रहेगी। पुनरीक्षित वेतनमान का निर्धारण स्टेज टू स्टेज होगा तथा वार्षिक वेतनवृद्धि की तिथि यथावत रहेगी। पुनरीक्षित वेतनमान में कर्मचारीवार वेतन निर्धारण आदेश, उप महाप्रबंधक (प्रशा.) के स्तर से पृथक से निर्गत किए जाएंगे।

