- डीएम से की गयी थी लेखपाल की मार्फत करोड़ों की जमीन पर कब्जों की शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनपद की रजपुरा तहसील क्षेत्र में मौजूद एक खसरे की करोड़ों कीमत की जमीन कब्जाने के लिए कुछ लोगों ने लेखपाल से मिलकर कागजों में हेराफेरी कर डाली। उक्त प्रकरण में एसीएम ने मामले को डीएम के संज्ञान में लाने वालों से साक्ष्य तलब किए हैं। इस संबंध में एसीएम की ओर से जारी समन में 26 फरवरी को साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। जिन्हें समन किए गए हैं उनमें राकेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, हार्दिक गुप्ता, शताक्षी गुप्ता, संगीता गुप्ता, हिमांशु गर्ग व सुधांशु गर्ग शामिल हैं।
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर विगत दिनों डीएम के संज्ञान में मामले की जानकारी देते हुए आरोपी लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। अशोक व संदीप पुत्रगण स्व. ज्ञान प्रकाश निवासी रजपुरा ने शिकायती पत्र में कहा गया है कि उनकी भूमि खसरा संख्या 264/2 रकबई 0.1260 है। मार्ग संख्या-119 के चौड़ीकरण में उनके खसरा नंबर से 65 वर्ग मी. भूमि अधिग्रहण हुई। जिसकी रिपोर्ट साल 2020 में आ चुकी है।
उक्त रिपोर्ट के आधार पर 264/1 से अधिग्रहण की गयी भूमि के मुआवजे का भुगतान 17 सितंबर 2021 को हो चुका है, लेकिन जब भुगतान की फाइल एडीएम एलए के यजहां जमा की गयी तो बताया गया कि उक्त जमीन का अधिग्रहण ही नहीं हुआ है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस गड़बड़ी के पीछे सारा खेल राकेश गुप्ता आदि जिनका खसरा संख्या 264 ने लेखपाल से सांठगांठ कर कराया है।
अशोक व संदीप द्वारा की गयी शिकायत में कहा गया है कि लेखपाल की पहली रिपोर्ट बाद कैसे बदल दी गयी। इसकी जांच करायी जाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से जुडेÞ तमाम अधिकारियों से अब तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। उन्हें अब डीएम से ही मदद की उम्मीद है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराकर गड़बड़ी करने वालों व कराने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उक्त मामले में ही एसीएम ने साक्ष्य तलब किए हैं।
गड़ीना में तालाब की 70 प्रतिशत भूमि पर दबंगों का कब्जा
फलावदा: क्षेत्र के एक गांव स्थित तालाब की भूमि पर हिस्ट्रीशीटर द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने के मामले में गांव के एक व्यक्ति ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर तालाब की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। थाना क्षेत्र के गांव गड़ीना निवासी इंद्रजीत पुत्र नानक ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि गाटा संख्या 1408 में दर्ज तालाब पर गांव के कुछ दबंग लोग अवैध कब्जा कर रहे है। पाठशाला के पास स्थित यह संपत्ति अभलेखों में जोहड़ दर्ज है।
आरोप है कि गांव का हिस्ट्रीशीटर तथा उसके परिजन तालाब की 70 प्रतिशत भूमि पर अवैध कब्जा कर चुके हैं। अवैध कब्जे के चलते गांव में जल निकासी के लिए समस्या बनी हुई है। इस संबंध में पूर्व में हुई शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजस्व विभाग तथा चकबंदी विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़कर अपना अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जिसके चलते समस्या यथावत बनी हुई है। इंद्रजीत ने एसडीएम से तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त करने की मांग की है।

