- मिश्रित आबादी वाली जगहों पर रही विशेष निगरानी
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: रविवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर जिलेभर में पुलिस-पीएसी हाई अलर्ट मोड पर रहा। मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फोर्स ने फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने आमजन से आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा शांति व्यवस्था कायम करने में पुलिस का सहयोग की अपील की। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर भी पुलिस विभाग के साइबर सेल की कड़ी निगरानी रही। हर पोस्ट को बारीकी से पढ़ा और देखा जा रहा था।
अध्योया में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उस स्थान पर देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी गवान श्री राम मंदिर निर्माण के हक में फैसला सुनाए जाने के बाद भी पुलिस-प्रशासन रविवार को बाबरी विध्वंस की बरसी पर हाई अलर्ट मोड पर रहा। शासन के निर्देश नी किसी भी स्थान पर शौर्य दिवस व शहीदी दिवस नहीं मनाने दिया गया। अति संवेदनशील और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस-पीएसी तैनात रही।
पुलिस द्वारा एक दिन पूर्व ही जनपद में गश्त करते हुए लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई थी। 6 दिसंबर के मद्देनजर जनपद में हाई अलर्ट रहा। शहर कोतवाली और आदर्श मंडी थाना क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। इसके अलावा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की पैनी नजर रही। इन क्षेत्रों में छह दिसंबर को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसके लिए जनपद के सभी थाना प्रभारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ भ्रमणशील रहे। इसके अलावा कांधला, झिंझाना, गढीपुख्ता, ऊन, जलालाबाद, थानाभवन, बाबरी आदि क्षेत्रों में भी पुलिस बल मुस्तैद रहा।

कैराना में बाबरी विध्वंस की बरसी पर पर चौकसी
रविवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मौके पर नगर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। 6 दिसंबर को किसी भी समुदाय को काला दिवस तथा शौर्य दिवस मनाने की अनुमति नहीं दी गई। संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम जसजीत कौर ने जिले में 3 फरवरी तक धारा 144 लागू करने के आदेश जारी कर दिए थे।
वहीं 6 दिसंबर को हुई बाबरी विध्वंस की बरसी के मौके पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी। नगर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। नवनियुक्त एसपी सुकीतिॅ माधव ने कहा हैं कि 6 दिसंबर को लेकर अगर किसी ने कोई कार्यक्रम आयोजित किया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर निगाह रखने के लिए साइबर सेल को अलर्ट पर रखा गया। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर खुफिया विभाग एवं पुलिस प्रशासन की ओर से निगरानी रखी गई।

