जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कंकरखेड़ा के न्यू शिवलोक पुरी में करीब एक पखवाड़ा पूर्व गाजियाबाद में तैनात सिपाही तथा उसके साथियों द्वारा किरायेदार महिला तथा उसके बेटे के साथ मारपीट कर छत से नीचे फेंकने के बाद गभीर रूप से घायल महिला की उपचार के दौरान देहरादून स्थित एम्स में निधन हो गया। परिजन शव लेकर कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और मेरठ-करनाल हाईवे पर शव रखकर जाम लगाते हुए हंगामा-प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा सिपाही के साथियों को गिरफ्तार न किए जाने से नाराज परिजनों की पुलिस से जमकर धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। करीब दो घंटे के हंगामा प्रदर्शन के बाद परिजन सीओ दौराला के आश्वासन पर शांत हुए। इसके बाद परिजन शव को दाह-संस्कार के लिए ले गए।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के डॉ. आंबेडकर रोड पर न्यू शिवलोक पुरी में घनश्याम सिंह परिवार रहता है। उसका पुत्र सचिन कुमार यूपी पुलिस में सिपाही है। सचिन वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात है। किरायेदार तिलकराम से सिविल कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। आरोप है कि गत तीन जून की रात में सचिन कुमार तथा उसके दो साथियों ने मकान में किरायेदार तिलकराम की पत्नी सोनिया उर्फ सोनी के साथ जमकर मारपीट की थी। साथ ही, उसका ईट मारकर सिर फोड़ दिया। इसी बीच जब सोनिया को उसका पुत्र हर्ष कुमार बचाने के लिए आया था तो सचिन तथा उसके साथियों ने मां-बेटे को छत से नीचे फेंक दिया था। इससे सोनिया गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिस पर सोनिया को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने परिजन सोनिया को दिल्ली और उसके बाद देहरादून एम्स ले गए थे। बताया गया कि सोमवार देर शाम सोनिया का उपचार के दौरान अस्पताल में निधन हो गया। मंगलवार को उसका पोस्टमार्टम हुआ।
थाने के सामने हाईवे पर शव रखकर लगाया जाम
मंगलवार की शाम करीब पांच बजे तिलकराम तथा अन्य परिजन देहरादून से एंबुलेंस में सोनिया का शव लेकर सीधे कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। उन्होंने शव मेरठ-करनाल हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। जाम लगते ही पुलिस के होश उड़ गए। कंकरखेड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक, कस्बा चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस कर्मियों ने सोनिया का शव को कब्जे में लेने की कोशिश की जिस पर गुस्साए परिजनों की पुलिस से हाथापाई, धक्का-मुक्की तथा तीखी नोकझोंक हुई। मृतका के परिजनों का कहना था कि सिपाही सचिन कुमार के दो साथी अभी तक फरार हैं। पुलिस ने उनको आज तक गिरफ्तार नहीं किया है। इसलिए सबसे पहले उनको गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो वे सोनिया के शव को सीधे एसएसपी आवास पर ले जाकर वहां जाम लगाएंगे। इस पर पुलिस में हड़कंप मच गया जिस पर एक दरोगा ने एंबुलेंस की चाबी निकालकर कब्जे में ले ली। इस पर दरोगा से महिलाओं की हाथापाई हो गई। महिलाओं ने पुलिस पर गाली-गलौज तथा अभद्रता करने के आरोप लगाए। काफी देर तक हंगामा प्रदर्शन चलता रहा।
सीओ दौराला के आश्वासन पर शांत हुए
सूचना पर सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचें। उन्होंने मृतका का शव हाइवे पर रखकर जाम लगा रही भीड़ को शांत करते हुए बताया कि हत्यारोपी सिपाही सचिन कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि उसके फरार साथियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। सीओ ने आश्वासन दिया कि सिपाही के फरार साथियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। तब जाकर शाम करीब 7.15 बजे परिजन मृतका का शव दाह संस्कार के लिए ले गए। साथ ही, चेतावनी दी कि अगर फरार हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो फिर जाम लगाया जाएगा।
जाम के कारण वाहन चालकों को उठानी पड़ी परेशानी
मेरठ-करनाल हाईवे पर कंकरखेड़ा थाने के सामने मृतका सोनिया का शव रखकर लगाए गए जाम के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। शाम के समय मेरठ से आने वाले वाहनों का हाईवे पर अत्यधिक दबाव था इसलिए पायल फर्नीचर हाउस के पास से हाइवे की एक साइड पर ही वाहन आमने-सामने आ गए। जिससे कंकरखेड़ा फ्लाईओवर तथा दूसरी ओर सरधना बाइपास फ्लाईओवर तक वाहनों का जाम लग गया। हाइवे पर एक ही साइड वाहनों के आने से दुपहिया वाहन चालकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। जाम खुलने के बाद शाम करीब 7.30 बजे वाहनों का आवागमन सुचारू हो सका।

