जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऐतिहासिक आठ दिवसीय पांच देशों के दौरे के बाद गुरुवार सुबह दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर स्वदेश लौट आए। इस दौरान उन्होंने घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा की। इस दौरे में पीएम मोदी को चार देशों से उनका सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी प्राप्त हुआ, जिससे भारत की वैश्विक छवि को नया बल मिला है।
घाना में मिला ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई को घाना से हुई। यहां प्रधानमंत्री को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से नवाजा गया। उन्होंने घाना की संसद को भी संबोधित किया। गौरतलब है कि तीन दशकों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने घाना की यात्रा की।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो में रणनीतिक साझेदारी और सम्मान
इसके बाद पीएम मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने प्रधानमंत्री को देश का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ प्रदान किया। भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे, फार्मास्यूटिकल और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
अर्जेंटीना में गूंजा भारत-अर्जेंटीना साझेदारी का संदेश
विदेश यात्रा के तीसरे चरण में पीएम मोदी दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना पहुंचे। राष्ट्रपति जेवियर माइली ने ब्यूनस आयर्स में उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ और रणनीतिक साझेदारी के 5 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। पीएम मोदी ने कहा, “हम आगे की यात्रा को और अधिक आशाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने अर्जेंटीना के कई फुटबॉल खिलाड़ियों से भी मुलाकात की।
ब्राजील में BRICS सम्मेलन और नागरिक सम्मान
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में प्रधानमंत्री ने 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा, “आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है। पुरानी वैश्विक संस्थाएं नई सदी की चुनौतियों से निपटने में अक्षम हैं।”
इसके बाद ब्रासीलिया में प्रधानमंत्री को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया गया। भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर कई MoUs पर हस्ताक्षर हुए।
नामीबिया दौरे का अंतिम चरण और चौथा सम्मान
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया पहुंचे। राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा ने उनका स्वागत किया। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री को ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने नामीबिया की संसद को भी संबोधित किया और कहा, “आइए हम नामीबिया के राष्ट्रीय पक्षी, अफ्रीकी मछली ईगल से प्रेरणा लें जो हमें एक साथ ऊँची उड़ान भरने और नए अवसरों को पहचानने की प्रेरणा देता है।”
वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत छवि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रही, बल्कि इससे भारत की साख, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक प्रभाव को भी एक नया आयाम मिला है। चार देशों से मिला नागरिक सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारत की भूमिका अब वैश्विक मंच पर और भी प्रभावशाली हो रही है।

