जनवाणी ब्यूरो |
ग्रेटर नोएडा/दादरी: दादरी थाना क्षेत्र के रूपवास गांव में रहने वाली निक्की भाटी की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पति विपिन भाटी, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। निक्की को जिंदा जलाकर मारने की साजिश जून 2024 में ही रची जा चुकी थी, जब निक्की ने पति को उसकी प्रेमिका के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया था।
जून 2024 में ही रच दी गई थी साजिश
निक्की ने जब पति विपिन को प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ा, तो पूरे परिवार और रिश्तेदारों के सामने उसकी पोल खोल दी गई। यही घटना निक्की की मौत की पटकथा की शुरुआत बन गई। पिता भिखारी सिंह के अनुसार, इस घटना के बाद से ही विपिन का बर्ताव पूरी तरह बदल गया, वह अक्सर गाली-गलौज करता, मारपीट करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
35 लाख दहेज की मांग, फिर हत्या
निक्की के पिता का आरोप है कि ससुराल वाले 35 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे। जब निक्की और उसके मायके वालों ने विरोध किया, तो ससुराल वालों ने क्रूर निर्णय लेते हुए निक्की को जिंदा जला दिया। घटना बृहस्पतिवार शाम की है, जब सास दया के साथ मिलकर पति विपिन ने निक्की पर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसी निक्की को उसकी बहन कंचन और पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दो अस्पताल बदलने के बाद भी निक्की ने दम तोड़ दिया।
“वह खुद मर गई”, पति का शर्मनाक बयान
पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी पति विपिन भाटी ने अस्पताल में दिए बयान में न सिर्फ कोई पछतावा नहीं जताया, बल्कि निक्की की मौत को सामान्य घरेलू झगड़े का नतीजा बताया। उसने कहा – “मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मर गई। पति-पत्नी में झगड़े होते रहते हैं। यह आम बात है।”
पुलिस ने चारों मुख्य आरोपियों को पकड़ा
निक्की की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
पति विपिन भाटी – मुठभेड़ में घायल होकर पहले ही गिरफ्तार
सास दया – कोर्ट में पेश, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
ससुर सतवीर और जेठ रोहित – सोमवार को गिरफ्तारी, जेल भेजा गया
निक्की की शादी और पारिवारिक संबंध
निक्की की शादी 27 दिसंबर 2016 को सिरसा गांव निवासी विपिन से हुई थी। खास बात यह है कि निक्की की बड़ी बहन कंचन की शादी विपिन के भाई से हुई थी, यानी दोनों बहनों की शादी एक ही परिवार में हुई थी। लेकिन दोनों बहनों को मानसिक और शारीरिक यातना का शिकार होना पड़ा।
निक्की ने मांगी थी सहानुभूति, लेकिन मिली प्रताड़ना
निक्की ने अपने पिता और समाज के कुछ लोगों से अपील की थी कि उसे ससुराल में एक कोना देकर रहने दिया जाए, वह अपने बच्चे के सहारे जीवन काट लेगी। लेकिन उसकी सास दया ने इस पर भी क्रूर प्रतिक्रिया दी और उसे घर से निकालने की धमकी दी। इसके बाद निक्की की स्थिति और भी खराब हो गई।
रूपवास गांव में शोक की लहर, नेताओं का तांता
घटना के बाद रूपवास गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। मंगलवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री नवाब सिंह नगर, सपा नेत्री सुनीता यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष फकीर चंद नागर, किसान नेता राजकुमार सिंह सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने निक्की के परिवार से मिलकर सांत्वना दी और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
न्याय की गुहार, कठोर सजा की मांग
निक्की के परिवार और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में तेज गति से चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। पूरे इलाके में “निक्की को न्याय दो” की मांग उठ रही है।

