Wednesday, February 11, 2026
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Central Govt: सरकारी गिफ्ट पर ब्रेक! वित्त मंत्रालय की सिफारिश से कर्मचारियों में नाराजगी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डॉ. सुमंत्र पाल की एक हालिया सिफारिश केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच चर्चा और असंतोष का कारण बन गई है। डॉ. पाल ने 17 सितंबर को लोक उद्यम विभाग (DPE) को पत्र लिखकर त्योहारों पर गिफ्ट देने की परंपरा को समाप्त करने की सलाह दी है।

पत्र में कहा गया है कि, “केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में दीवाली जैसे त्योहारों पर गिफ्ट देने की जो परंपरा है, वह सरकार के खर्च में अनावश्यक वृद्धि करती है। यह सार्वजनिक संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग के सिद्धांत के विरुद्ध है, इसलिए इस पर रोक जरूरी है।”

सभी त्योहारों पर गिफ्ट देने की प्रथा समाप्त करने का सुझाव

आर्थिक सलाहकार ने DPE के मुख्य कार्यकारी को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि CPSEs को दीवाली सहित अन्य सभी त्योहारों पर गिफ्ट देना बंद कर देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि इन सिफारिशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस पत्र के जारी होते ही CPSE के कर्मचारियों के बीच नाराजगी फैल गई है। कर्मचारियों का मानना है कि यह आदेश उनकी भावनाओं और उत्साह पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।

कर्मचारियों में विरोध, मनोबल टूटने की आशंका

‘नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत’ के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि,”दीवाली या अन्य त्योहारों पर कर्मचारियों को मिलने वाला छोटा-सा गिफ्ट सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि उनके कार्य का सम्मान होता है। इससे कर्मचारी खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है और उसका मनोबल बढ़ता है। सरकार ने यह आदेश देकर कर्मचारियों का उत्साह तोड़ा है।”

DPE की भूमिका और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

लोक उद्यम विभाग (DPE), वित्त मंत्रालय के अधीन एक नोडल विभाग है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित नीतियों का निर्धारण, उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन, और पारदर्शिता व जवाबदेही को बढ़ावा देने का कार्य करता है।

DPE की शुरुआत 1965 में ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (BPE) के रूप में हुई थी। बाद में 1990 में इसे पूर्ण विभाग का दर्जा मिला और यह लोक उद्यम विभाग बन गया। इसका मिशन है — सार्वजनिक उपक्रमों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, सामाजिक प्रभाव सुनिश्चित करना और उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देना।

मुख्य बिंदु संक्षेप में

वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार ने CPSEs में त्योहारों पर गिफ्ट देने पर रोक लगाने की सिफारिश की।

निर्देश में कहा गया, “सार्वजनिक संसाधनों का न्यायपूर्ण उपयोग हो, इसलिए यह परंपरा समाप्त हो।”

DPE को पत्र, सभी CPSEs को आदेश लागू करने की सलाह।

कर्मचारी संगठनों और पेंशन मिशन के अध्यक्ष ने विरोध जताया।

कर्मचारी बोले, “छोटा गिफ्ट नहीं, यह सम्मान का प्रतीक है।”

लोक उद्यम विभाग सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रदर्शन और नीतियों का नोडल निकाय है।

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