नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बिहार दौरे पर आ चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पटना में मंत्री नितिन नवीन और पूर्व सांसद रामकृपाल यादव के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह दानापुर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। दानापुर के कार्यक्रम के बाद सीएम योगी सहरसा पहुंचेंगे, जहां वह भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक डॉ. आलोक रंजन के नामांकन समारोह में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पूरे दौरे में पुख्ता इंतजाम किए हैं। दानापुर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिहार दौरे को लेकर पटना और सहरसा में भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर को भगवा झंडों और होर्डिंग्स से सजाया है। इस दौरे को भाजपा के लिए बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लगभग 11:00 बजे पटना पहुंचेंगे। वहां से वह सीधे दानापुर जाएंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश और ऊर्जा आएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, “सीएम योगी का आगमन हमारे लिए गर्व की बात है। रामकृपाल यादव जैसे जमीनी नेता के समर्थन में उनका यहां आना चुनावी माहौल को और मजबूती देगा।”
रामकृपाल के खिलाफ रीतलाल यादव मैदान में उतरे
बता दें कि, 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पाटलिपुत्र संसदीय सीट से रामकृपाल यादव को मैदान में उतारा था, लेकिन वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार मीसा भारती से हार गए थे। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने दानापुर सीट से एक बार फिर रामकृपाल यादव पर भरोसा जताया है। वहीं रामकृपाल के खिलाफ राजद ने फिर से रीतलाल यादव को मैदान में उतारा है। दानापुर से पिछले चुनाव में रीतलाल यादव ने भाजपा प्रत्याशी आशा सिन्हा को हराया था। इस बार भाजपा ने आशा सिन्हा का टिकट काट दिया। इससे वह नाराज हो गईं और निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।

