Friday, February 6, 2026
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Iran: ईरान में विरोध प्रदर्शनों का उबाल, 36 लोग मारे गए, 1000 से अधिक गिरफ्तार

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ती महंगाई और गंभीर आर्थिक संकट के खिलाफ खामेनेई के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक कम से कम 36 लोग मारे जा चुके हैं और 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंदोलन बीते तीन वर्षों में ईरान का सबसे बड़ा जन विद्रोह माना जा रहा है।

मंगलवार को तेहरान के ऐतिहासिक बाजार में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। यह विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गए जब ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे आम लोगों की क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी की अपील

ईरान के अंतिम शाह के पुत्र और निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता से आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि 8 और 9 जनवरी को रात 8 बजे, चाहे आप सड़कों पर हों या अपने घरों में, एक साथ मिलकर नारे लगाइए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में नारे और वीडियो वायरल हो गए हैं।

पश्चिमी ईरान के अबदानान शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारी “जाविद शाह” और “पूरा शासन निशाने पर” जैसे नारे लगाते नजर आए। कई स्थानों पर “खामेनेई का पतन होगा” जैसे नारे भी गूंजते दिखे।

व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश फैला

ईरानी मुद्रा हाल ही में 1 डॉलर के मुकाबले 14.7 लाख रियाल तक गिर गई, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। 28 दिसंबर को तेहरान का बाजार बंद होने के बाद विरोध की लहर शुरू हुई, जो तेजी से पश्चिमी ईरान और कुर्द बहुल इलाकों तक फैल गई। यह गिरावट आम जनता की ज़िंदगी पर गहरा असर डाल रही है और महंगाई के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और भी कठिन हो गई है।

विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़े कदम उठाए

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सुरक्षा बलों के अलावा, ईरान समर्थित इराकी शिया मिलिशिया के लड़ाके भी कथित तौर पर कार्रवाई में शामिल हैं, और करीब 800 लड़ाकों की तैनाती की खबरें आई हैं। इस दमनात्मक कदम के बावजूद, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने जनता की नाराजगी को शांत करने के लिए आर्थिक सुधारों का वादा किया है।

सरकार ने आयातकों के लिए विशेष मुद्रा दरें खत्म कर सीधे सब्सिडी देने की घोषणा की है, जो 10 जनवरी से लागू होगी। हालांकि, न्यायपालिका ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती बरतने की चेतावनी दी है।

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