Friday, April 3, 2026
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Iran Unrest: ईरान संकट के बीच सरकार का भरोसा, भारत में लॉकडाउन की कोई योजना नहीं

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देशव्यापी लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है और खुदरा दुकानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ईंधन बिना किसी रुकावट के वितरित किया जा रहा है।

सरकार आवश्यक वस्तुओं पर रख रही नजर

पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, “वैश्विक परिस्थितियों में लगातार बदलाव हो रहे हैं और हम ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक वस्तुओं से जुड़े घटनाक्रमों पर वास्तविक समय में बारीकी से नजर रख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

अफवाहों पर कड़ा रुख

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। अफवाहें फैलाना और दहशत पैदा करना गैरजिम्मेदाराना और हानिकारक है।’

पुरी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कमी ने भारत में संभावित लॉकडाउन की अटकलों को जन्म दिया था। एलपीजी आपूर्ति की स्थिति को लेकर भी चिंता उठ रही थी।

क्या है पूरा मामला?

इस सप्ताह की शुरुआत में, सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि सार्वजनिक आवागमन या आर्थिक गतिविधियों पर किसी तरह के प्रतिबंध की कोई योजना नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों को गलत तरीके से समझा गया था।

लॉकडाउन की अफवाहें कोविड-19 लॉकडाउन की छठी वर्षगांठ के साथ ऑनलाइन चर्चाओं में तेजी आने के कारण भी बढ़ीं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के तैयारियों के आह्वान का मकसद केवल प्रशासनिक तत्परता और आकस्मिक योजना है, न कि आवागमन पर प्रतिबंध या घर में रहने के आदेश का संकेत।

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