Saturday, February 14, 2026
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सरकारी जमीन पर भू-माफिया काबिज

  • कब्जे के दौरान मौन रहते हैं अधिकारी, मिलीभगत से चल रहा यह बड़ा खेल

नगेन्द्र गोस्वामी |

कंकरखेड़ा: कासमपुर की पहाड़ी और मार्शल पिच के निकट नगर निगम व राज्य सरकार की करोड़ों की भूमि पर भू-माफिया काबिज हो गए हैं। वर्षों से भू-माफिया धीरे-धीरे इस भूमि को कब्जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा बार-बार पैमाइश करने के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है और अधिकारियों की जेब गर्म होने के बाद यह मसला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कितने ही फटे हाल लोग इस भूमि को बेचकर करोड़पति बन गए। अब फिर भाजपा के शासन में नगर निगम की भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार सख्त हैं, फिर इन भू-माफियाओं पर मेहरबानी कैसे दिखाई जा रही है? सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त क्यों नहीं किया जा रहा। अब भाजपा के शासन में मार्शल पिच के निकट नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है।

कासमपुर की पहाड़ी को धीरे-धीरे घेरकर मकानों का निर्माण किया जा रहा है। जिस भूमि को समाजवादी पार्टी के शासन में चिह्नित कर नगर निगम की भूमि घोषित किया गया था। अब भाजपा के शासन में उसी भूमि को कुछ लोग कब्जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि तहसील कर्मचारियों और नगर निगम कर्मचारियों को यहां की स्थिति का नहीं पता, लेकिन भू-माफियाओं से मिलीभगत करके जमीन कब्जाई जा रही है।

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यह खेल वर्षों से चल रहा है। करीब दो दशक में अरबों की संपत्ति पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया या प्लॉट और दुकान बनाकर बेच दिए गए। कई बार शिकायत के बाद तहसील और नगर निगम की टीम कार्रवाई करने के लिए आती है, लेकिन इन भू-माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो पाती।

लोगों का कहना है कि कंकरखेड़ा के यह भू-माफिया ही नगर निगम और तहसील टीम के कर्मचारियों को मोटी रकम देते हैं। कई ऐसे नेता भी है जो सरकार के साथ अपना रंग बदल देते है। यह लोग बसपा के शासन में बसपा के, सपा के शासन में सपा के और भाजपा के शासन आने पर उन्हें की पार्टी के नेता बन जाते हैं।

सपा के शासन पर हुई थी अवैध मकानों और दुकानों पर कार्रवाई

समाजवादी पार्टी के शासन में तत्कालीन एसडीएम मेरठ ने टीम के साथ पुरी नगर निगम की भूमि को चिह्नित किया था। जिसमें मार्शल पिच के आसपास बने बड़े हिस्से की दुकान और मकान नगर निगम की पायी गई थी। उन्होंने मकानों और दुकानों पर तोड़ने के लिए निशान लगा दिए थे।

उनमें से कुछ दुकान और मकान को तोड़ दिया गया था। सपा के शासन में इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई थी। अब कुछ दिन पूर्व भी तहसील की टीम ने घरों दुकानों और जमीन की तीन दिन तक पैमाइश की, लेकिन फिर बीच में ही रोक दी। अब फिर से नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा होना शुरू हो गया है।

भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ा तो जाना पड़ा जेल

गोविंदपुरी निवासी मुरसलीम ने भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ा था। इन्होंने एक एसडीएम सहित 40 लोगों के खिलाफ जमीन कब्जाने के मामले दर्ज कराएं। कुछ लोगों को पुलिस ने भूमि कब्जाने के मामले में जेल भेजा, लेकिन बाद में भू-माफियाओं ने षड्यंत्र के तहत मुरसलीन के खिलाफ दुष्कर्म के मामले दर्ज कराएं और परिवार के लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में विभिन्न तरह के मुकदमे दर्ज कराएं।

मुरसलीन के परिवार वालों का कहना है कि अब मुरसलीन अधेड़ अवस्था से ऊपर पहुंच गए हैं। तो इनके खिलाफ दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कर दिए। यह सब खेल भूमाफियाओं के इशारे पर किया है। दरअसल, इन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ा था।

सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी लोगों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। -संदीप भागिया, एसडीएम सदर

 

टीम कई बार जाती है, लेकिन वहां के लोग मारपीट कर टीम को भगा देते हैं। इन लोगों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग किया जायेगा।                               -राजेश सिंह, नगर निगम सम्पत्ति अधिकारी
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