- महेश चंद्र के नामांकन भरने से चुनाव की स्थिति बनी, सपा परेशानी में
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: विधान परिषद की 12 सीटों के लिये होने वाले चुनाव में मेरठ से अश्विनी त्यागी की जीत तय हो गई है। इसके अलावा भाजपा के नौ अन्य प्रत्याशी भी जीतने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी को एक सीट आसानी से मिल जाएगी, लेकिन दूसरी सीट के लिये उसे कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। वैसे ही पहले निर्विरोध चुनाव की स्थिति बन रही थी, लेकिन जिस तरह से महेश चन्द्र शर्मा ने नामांकन किया है, उसको देखकर चुनाव हो सकता है।
सोमवार को भाजपा के 10 प्रत्याशियों के पर्चा दाखिल करने के बाद महेश चंद्र शर्मा ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। महेश चंद्र शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है। इस तरह से 12 सीट पर होने वाले चुनाव में 13वें नामांकन ने चुनाव का माहौल बना दिया है। यदि महेश चन्द्र शर्मा का पर्चा खारिज नहीं होता है तो फिर चुनाव तय माना जाएगा।
अबतक ये माना जा रहा था कि जिस तरह से भाजपा ने 10 और समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों का नामांकन पत्र दाखिल कराया है। उससे चुनाव कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और निर्विरोध प्रत्याशी विधान परिषद सदस्य बन जाएगें। पर अब राजनीतिक दलों का गणित बिगड़ सकता है। यूपी में एक एमएलसी सीट के लिए 32 वोटों की जरूरत है। इस तरह से सपा के पास एक सीट जीतने के बाद 13 विधायक ही बचेंगे और उन्हें दूसरी सीट जीतने के लिए कम से कम बसपा और कांग्रेस की तरफ देखना होगा।
सपा के इस समय 45 विधायक हैं। कांग्रेस और बसपा के पास संख्या न होने के कारण उसने एमएलसी के चुनाव से किनारा कर लिया है। जहां तक भाजपा की बात है अश्विनी त्यागी हैट्रिक बनाने जा रहे हैं। पहले भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष, फिर प्रदेश महामंत्री और अब एमएलसी बनने जा रहे हैं। इस तरह देखा जाए तो मेरठ में भाजपा के छह विधायक हैं और अश्विनी त्यागी के रुप में सातवां विधायक हो जाएगा।

