- जल निगम की लापरवाही व्यापारियों पर भारी
- सड़क खुदने से रोज हो रहा लाखों का नुकसान
- दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे ग्राहक, नहीं जा पा रहा सामान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जल निगम की लापरवाही से व्यापारी बीमार होने शुरू हो गये हैं। सड़कों की हालत इस कदर खराब हो चुकि है कि व्यपारियों को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। दुकान पर ग्राहकों की संख्या घटती जा रही है। यही हाल रहे तो व्यापारियों को अपना व्यापार यहां से समेटना पड़ेगा।
बुढ़ानागेट से लेकर खैरनगर की ओर जाने वाले मार्ग पर व्यापारियों का कुछ ऐसा ही हाल है। व्यापारियों ने यहां शादी कार्ड, पेपर से संबंधित सामग्री बेचने के लिये दुकान से 500 मीटर दूरी तक बोर्ड लगा दिये हैं, उसके बावजूट ग्राहक उनकी दुकान पर नहीं पहुंच रहा है।
जल निगम की ओर से पूरे शहर में सीवरेज पाइप डालने के लिये सड़कें खोद दी गर्इं। ज्यादर जगहों पर पाइप लाइन डाले जाने का कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक जहां भी पाइप लाइन डाली गई वहां पर सड़क नहीं बनी है। जिस कारण वहां गहरे गहरे गड्ढ़े हो चुके हैं।
जिससे यहां न तो वाहन आ पाते हैं न ही दुकानों तक उनकी जरूरतों का सामान पहुंचता है। माल लाने ले जाने में समस्याएं आ रही हैं जिससे व्यापारी परेशान हैं। शहर में बुढ़ाना गेट, शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड, जाटव गेट सभी जगहों पर कुछ ऐसा ही हाल है। जनवाणी ने जब शहर के बुढ़ाना गेट स्थित पेपर, शादी कार्ड्स आदि का कार्य करने वाले दुकानदारों से इस बारे में बात की तो उनका दर्द झलक उठा। उन्होंने अपनी समस्याएं बता कर जल्द से जल्द यहां सड़कों का निर्माण कराये जाने की मांग की।
व्यापारी हो रहे बीमार
मुलेश प्रिंटर्स के मालिक नितिन गर्ग का कहना है कि यहां सड़क खोदकर पाइप लाइन तो डाल दी गई, लेकिन अभी तक यहां सड़क निर्माण नहीं किया गया है। पिछले तीन चार माह से ऐसे ही हालात हैं। यहां धूल मिट्टी के कारण व्यापारियों की हालत बुरी हो चुकी है।
दुकानदारों को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। और तो और व्यापारी बीमार होने शुरू हो गये हैं। उन्हें दमे, श्वांस रोग, स्किन रोग होने शुरू हो गये हैं। उनके खुद के चेहरे पर भी एलर्जी हो गई है। जिसके कारण वह चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहे तो सभी व्यापारी बीमार पड़ने शुरू हो जाएंगे।
नहीं पहुंच रहे ग्राहक
परमात्मा कार्ड्स के आशुतोष गुप्ता ने बताया कि उनकी शादी कार्ड्स की दुकान है। कोरोना के कारण पहले ही व्यापार मंदा था। कोरोना कम हुआ तो जल निगम ने यहां सड़क तोड़कर रख दी। पाइप लाइन डाले जाने के बाद भी यहां सड़क निर्माण नहीं कराया गया। जिस कारण गड्ढ़ों में गिरकर यहां लोग घायल हो जाते हैं।
अभी कुछ दिन पहले ही एक महिला को यहां गंभीर चोट आई। गड्ढ़े होने के कारण यहां से न तो माल बाहर जा पा रहा है और न ही अंदर दुकान तक पहुंच पा रहा है। व्यापारी ग्राहकों को इंतजार करते रहते हैं, लेकिन ग्राहक सड़क की हालत देख बाजार के बाहर से ही वापस लौट जाते हैं अगर यही हाल रहे तो व्यापारियों को आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।
सांस लेने तक में दिक्कत
प्रशांत ट्रेडर्स के प्रशांत मित्तल का कहना है कि धूल मिट्टी के कारण लोग पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं। दिनभर दुकान पर आकर बैठ जाते हैं और शाम को ऐसे ही वापस लौट जाते हैं। धूम मिट्टी दिनभर उड़ती रहती है जिससे त्वचा के रोग बढ़ते जा रहे हैं। उन्हें खुद भी सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। व्यापारी ही जानता है कि वह इस समय कितनी परेशानियों से जूझ रहा है। उनकी ओर से कई बार इस बारे में अधिकारियों से बात की जाती रही है लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता।
खानी-पीने की चीजें हो जाती हैं खराब
डेयरी संचालक अक्षित शर्मा की मानें तो यहां के हालात इतने खराब हो चुके हैं दुकान पर एक मिनट बैठना भी मुश्किल हो जाता है। खाने-पीने की चीजों को कितना ही संभाल कर रख लें लेकिन धूल मिट्टी के कारण वह खराब हो जाती हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स तो और भी जल्दी खराब हो जाते हैं। व्यापारियों की इस हालत की किसी को सुध नहीं है। अधिकारी अपने लाभ के लिये व्यापारियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। धूल मिट्टी और गड्ढ़ों के कारण व्यापार पूरी तरह से चौपट हो चुका है मात्र दस प्रतिशत ही व्यापार बचा है।
अधिकारी कर रहे अनसुनी
अग्रवाल ट्रेडर्स के यतेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि उनका भी पेपर का कार्य है। लेकिन पिछले तीन माह से वह दुकान पर आकर खाली ही बैठे रहते हैं। दुकान तक ग्राहक ही नहीं पहुंचते हैं। व्यापार पूरी तरह से चौपट हो चुका है। अधिकारी भी उनकी बात को अनसुनी कर देते हैं। अगर यही हालात रहे तो व्यापारियों को आंदोलन के लिये मजबूर होना पड़ेगा।

