- आर्य समाज ट्रैक्टर-ट्राली में पूरे शहर में किया सचल यज्ञ
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: कोरोना संक्रमण से मुक्ति और वातारण की शुद्धि के लिए आर्य समाज शामली के तत्वावधान में वैदिक सचल यज्ञ यात्रा का आयोजन किया गया। यज्ञ में प्राकृतिक औधषियों से युक्त सामग्री की आहुति देकर पूरे शहर में भ्रमण किया गया।
बुधवार को धीमानपुरा स्थित आर्य समाज मंदिर से कोरोना संक्रमण से मुक्ति और वातावरण की शुद्धि के लिए सचल यज्ञ यात्रा निकाली गई। आर्य समाज के पुरोहित डा. रविदत्त आर्य यज्ञ के ब्रह्मा रहे। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान प्रधान सुभाष गोयल आर्य और दैनिक यज्ञ प्रभारी राजपाल आर्य, मंत्री सुभाष धीमान, आर्य विद्या सभा के मंत्री दिनेश आर्य रहे।
इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान सुभाष आर्य ने कहा कि हमारा देश ऋषि, मुनियों का देश है। वैदिक सभ्यता का आधार ही हवन-यज्ञ है। यज्ञ के बाद वातावरण शुद्ध होता है। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से भी रक्षा होती है। दैनिक यज्ञ प्रभारी राजपाल आर्य ने कहा कि कोरोना की इस महामारी से विश्व ग्रस्त और त्रस्त है। हमारे देश में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी अपने घरों में यज्ञ करके वातावरण को शुद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि यज्ञ वाले स्थान पर प्राणवायु (आक्सीजन) की मात्रा भी बढ़ जाती है। शाकाहार, योग, प्राणायाम एवं पौष्टिक संतुलित आहार का सेवन करते हुए सरकार की गाइड लाइन का पालन करें तभी हम सब मिलकर इस महामारी को काबू में कर सकते हैं। इस दौरान शहर के अनेक चौक, चौराहों एवं बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बड़ी संख्या में लोगों ने यज्ञ में आहुति प्रदान की।
गांव में औषधियों से निर्मित सामग्री की धूनी दी
गांव तीतरवाड़ा में बुधवार को युवाओं ने विभिन्न तरह की औषधियों से निर्मित सामग्री की धूनी दी। युवाओं द्वारा बाइक के पीछे बनाए गए रेहडे में विभिन्न तरह की औषधियों से निर्मित धूनी जलाई गई। इस दौरान गांव की गलियों में घूम कर धोनी दी गई, ताकि कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों को बचाया जा सकें तथा वातावरण को शुद्ध किया जा सके।
इस दौरान युवाओं ने सभी ग्रामीणों से कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करने व मास्क लगाने तथा 2 गज की दूरी बनाए रखने की अपील की हैं। सभी ग्रामीणों से घरों में रहकर सुरक्षित रहने की अपील की गई। इस दौरान मनोज, संदीप, कुलदीप, सोनू, संजय फौजी, हिमांशु , सुलेख, अर्जुन, परवीन, गुरदास रोहिल्ला आदि ग्रामीण मौजूद रहें।

