- सैम्पल लेते समय व मरीज को भर्ती करते समय जाने उसकी अन्य बीमारी
- प्रत्येक घर में सदस्यों की हो शरीर में आक्सीजन व बुखार की जांच
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आमजन को इस बात के लिए जागरूक किया जाये कि वह अपने जीवन व स्वास्थ्य के साथ समझौता न करें। खांसी, सांस फूलना व बुखार के लक्षण होने पर तुरंत अपनी कोरोना जांच कराये। यह बात आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में चिकित्सको व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में कहीं। उन्होने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए मेरठ शहर को सैक्टर व जोन में बांटकर वहां मजिस्ट्रेट व चिकित्सको की तैनाती की जाये ताकि बेहतर सर्विलांस व मॉनीटरिंग की जा सके।
आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने मेरठ में बढ़ते मरीजो व बढ़ती मृत्यु पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति प्रभावी ढ़ग से कार्य करें यह सुनिश्चित किया जाये तथा प्राईवेट अस्पताल कोरोना के संदिग्ध मरीजो की सूचना प्रशासन व चिकित्सा विभाग को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराये यह सुनिश्चित किया जाये।
उन्होने कहा कि एम्बुलेन्स में आक्सीजन, मॉस्क, सैनीटाईजर व अन्य आवश्यक चीजो की व्यवस्था हो यह सुनिश्चित किया जाये। आयुक्त ने निर्देशित किया कि शहर को सैक्टर व जोन में बांटकर वहां मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा विभाग के डाक्टरों व स्टाफ की ड्यूटी लगायी जाये ताकि उस क्षेत्र की बेहतर सर्विलांस, मॉनीटरिंग की जा सके। उन्होने कहा कि टीम के दायित्व भी निर्धारित किये जाये। साथ ही घर-घर सर्वे अभियान की भी समीक्षा ठीक प्रकार से हो।
उन्होने आईसीयू बैड की उपलब्धता सुनिष्चित करने के लिए निर्देशित किया। आयुक्त ने प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज से कहा कि वह आईसीयू बैड पर एक स्टेटस रिपोर्ट उन्हें व जिलाधिकारी को उपलब्ध कराये। आयुक्त ने कहा कि अस्पतालों में दवाई व आॅक्सीजन की कमी न हो यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाये तथा इसको पूर्व में ही आवश्यकतानुसार स्टॉक भी किया जाये ताकि एकदम से कमी सामने न आये।
जिलाधिकारी के बालाजी ने कहा कि कोरोना की जांच के लिए सैम्पल लेते समय मरीज की अन्य बीमारियों से संबंधित जानकारी भी लेनी चाहिए। उन्होने कहा कि घर-घर सर्वे अभियान में प्रत्येक घर में सदस्यों की आॅक्सीमीटर से शरीर में आक्सीजन की मात्रा की माप (एसपीओ-2) तथा थमार्मीटर/थर्मल स्कैनर से बुखार की जांच भी होनी चाहिए।
उन्होने कहा कि जो भी मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे है उनके द्वारा पूर्व में कराये गये ईलाज व ली गयी दवाओं की जानकारी भी ली जाये। साथ ही मरीज को अन्य कौन कौन सी बीमारियां है इसकी जानकारी भी ली जाये ताकि उसको बेहतर ईलाज दिया जा सके।

