- दो दिन पहले हटाई, फिर हो गई अवैध पार्किंग
- पार्किंग के कारण आबूलेन पर हमेशा लगा रहता है भीषण जाम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड के ऑफिस से चंद कदम की दूरी पर भ्रष्टाचार की पार्किंग चल रही है। दस से बीस मिनट के अंतराल में यहां से कैंट बोर्ड के अधिकारियों का आवागमन होता रहता हैं, फिर भी भ्रष्टाचार की पार्किंग से आंखें मंूद लेते हैं।
इस तरह से पार्किंग के नाम पर भ्रष्टाचार पनप रहा हैं, जिसको कैंट बोर्ड के अधिकारी नहीं रोक पा रहे हैं। इसमें या तो कैंट बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से यह पार्किंग चल रही है या फिर किसी राजनेता के दबाव में कैंट बोर्ड के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
यहां पर बड़ा अतिक्रमण हटाया गया था। यहां बिल्डिंग को गिरा दिया गया था, जिसको लेकर कैंट बोर्ड के अधिकारियों की खासी किरकिरी हुई थी। बावजूद इसके कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने फिर से यहां पर फर्जी तरीके से पार्किंग आरंभ करा दी। यह भ्रष्टाचार की पार्किंग कैंट बोर्ड के आॅफिस से चंद कदम की दूरी पर चल रही हैं, लेकिन नहीं तो एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और नहीं पार्किंग को हटाया जा रहा है। इस तरह से भ्रष्टाचार पनप रहा है।
आबूलेन स्थित बंगला नंबर-210 बी फिर से सुर्खियों में है। यहां अवैध रूप से पार्किंग होना बंद नहीं हो पाया है। जबकि अभी हाल ही में कैंट बोर्ड ने यहां अभियान चलाकर पार्किंग बंद की थी, लेकिन ठेकेदार ने यहां फिर से पार्किंग शुरू कर दी। ठेकेदार का कहना है कि कैंट बोर्ड अधिकारियों के कहने पर ही यहां पार्किंग की जा रही है। बता दें कि बंगला नंबर-210 को ध्वस्त किये जाने के बाद यह जमीन खाली पड़ी थी। यहां किसी न किसी प्रकार से अवैध रूप से अतिक्रमण किया जा रहा है।
अभी हाल ही के दिनों में यहां के व्यापारियों ने यहां पार्किंग करानी शुरू कर दी थी। जबकि कैंट बोर्ड की ओर से यहां पार्किंग का ठेका छोड़ा गया है, लेकिन उसके बावजूद पार्किंग ठेकेदार यहां बंगले की जमीन पर पार्किंग करता है। कैंट बोर्ड सीईओ नवेन्द्र नाथ ने खुद मौके पर जाकर यहां से पार्किंग हटवाई थी, इसे लेकर उनकी यहां के व्यापारियों के साथ नोकझोंक भी हुई थी।
जिसके बाद अगले ही दिन कैंट बोर्ड ने यहां कार्रवाई करते हुए बंगले की जमीन के चारों ओर गड्ढा खोद दिया था। जिससे यहां वाहन न खड़े किये जा सकें। इसके बाद यहां वाहनों की पार्किंग को बंद करवा दिया गया, लेकिन अब यहां फिर से पार्किंग ठेकेदार ने पार्किंग करानी शुरू कर दी है। पार्किंग ठेकेदार ने यहां बंगले के चारों ओर खुदे गड्ढों को भरकर यहां पार्किंग करानी शुरू कर दी है। पार्किंग ठेकेदार का कहना है कि कैंट बोर्ड की ओर से खुद ही यहां पार्किंग कराई जा रही है। जबकि कैंट बोर्ड का इसमें कोई रोल नहीं है। उधर, अधिकारियों ने यहां से पार्किंग बंद कराने की बात कही है।
गांधी पार्क की पार्किंग में भी भ्रष्टाचार
कैंट के गांधी पार्क में सुबह को लोग वाकिंग करने के लिए जाते हैं। यह लंबे समय से लोग वाकिंग करते हैं, लेकिन यहां गेट पर तालाबंदी कर दी जाती है। वाहनों को पार्किंग में जबरिया खड़ा कराया जाता है, जिससे पार्किंग का पैसा वसूला जा सके। हालांकि गांधी पार्क के गेट पर तालाबंदी नहीं की जा सकती, लेकिन यहां पर यहीं सब चल रहा है। आखिर इसमें किसकी जवाबदेही बनती हैं? कोई भी इस पर बोलने को तैयार नहीं है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश हैं तथा कैंट बोर्ड के अधिकारियों से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की है।

