- शहर में व्यापारियों के हैं कई संगठन
- फिर भी लगातार की जा रही है व्यापारियों की अनदेखी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार कोई भी आये, लेकिन जब तक व्यापारियों की समस्याओं का समाधान न हो तो उस सरकार का कोई लाभ नहीं हैं। व्यापारी देश की रीढ़ की हड्डी है। उसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। चुनावी मुद्दों से भी व्यापारियों की समस्याओं को दूर कर दिया गया है। जिसे लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि जो भी सरकार आये पहले उनकी समस्याओं का समाधान करे।
मेरठ शहर कैंची उद्योग, स्पोर्ट्स समेत तमाम उद्योगों के लिये देशभर में प्रसिद्ध है। उसके बावजूद यहां व्यापारी वर्ग त्रस्त है। जीएसटी की दरों में भिन्नता के कारण व्यापारी अब भी परेशान है। उद्यमी हो या सराफा सभी वर्ग जीएसटी की दरों को लेकर परेशान है, लेकिन उनका समाधान नहीं हो पाया है। इसके अलावा व्यापारी सुरक्षा, व्यापारी आयोग, बढ़ती महंगाई समेत व्यापारियों के तमाम मुद्दे हैं, लेकिन चुनावी मुद्दों में वह शामिल नहीं है।
व्यापारियों से किये वादे पूरे करे सरकार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष पं. आशु शर्मा ने कहा कि व्यापारी किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं होता। व्यापारी पूरे देश का एक ही होता है। उसके बावजूद व्यापारियोें के साथ सही व्यवहार नहीं होता। उनकी मांगों को हर बार अधूरा छोड़ दिया जाता है। जो भी सरकार बने वह व्यापारियों के साथ किये वादे पूरे करे। व्यापारियों को उद्योगों पर सब्सिडी दिलाये, उद्योगों के लिये जमीन दिलाये, जीएसटी में छूट मिले आदि मांगों को पूरा किया जाये और व्यापारी हितों को ध्यान में रखा जाये।
सराफा व्यापारियों को मिले सुरक्षा
सोना चांदी व्यापार संघ अध्यक्ष संतकुमार वर्मा ने कहा कि जो भी सरकार बने वह सराफा व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखे। व्यापारियों के साथ बढ़ती आपराधिक वारदातों पर लगाम लगे और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाये। इसके अलावा जीएसटी की दरों में छूट की जानी चाहिए। जिससे ग्राहकों को भी राहत मिले। उन्होंने मेरठ सराफा बाजार में फैले तारों के जाल को खत्म किये जाने की मांग की है। यहां तारों का जाल फैला है। उनकी मांग है कि यह समस्या बाजार से खत्म होनी चाहिए। आने वाली सरकार बने तो यहां पर ध्यान दें, क्योंकि यहां आसपास के जिलों से भी लोग खरीदारी करने आते हैं।
व्यापारियों का न हो शोषण
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विष्णुदत्त पाराशर ने कहा कि प्रदेश में जो भी सरकार आये वह व्यापारियों को ध्यान रखे। अगर व्यापारी ही ठीक नहीं होगा तो देश भी तरक्करी नहीं कर पायेगा। आज खुलेआम व्यापारी का उत्पीड़न और शोषण हो रहा है। सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं देती। उनकी मांग है कि जो भी सरकार आये व्यापारियों का ध्यान रखे। आज भी चुनावी रैलियों में व्यापारियों के विषय में कोई बात नहीं हो रही है। किसानों, बेरोजगारों और युवाओं की बात सब कर रहे हैं, लेकिन व्यापारियों को दूर रखा गया है। उन्होंने आने वाली सरकार से व्यापारियों के विषय में सोचने की मांग की।
जाम मुक्त हो शहर, सरकार दे ध्यान
हापुड़ अड्डा त्रिमूर्ति चौक व्यापार संघ अध्यक्ष अकरम गाजी ने कहा कि जो भी सरकार बने उसे व्यापारियों के विषय में सोचना होगा। वर्तमान में व्यापारियों के विषय में कोई विचार नहीं किया जा रहा है। शहर में जाम सबसे बड़ी समस्या है। भीषण जाम से व्यापार भी चौपट होने लगता है। जिसका असर साफतौर से देखा जा सकता है। जीएसटी में सरलीकरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आने वाली सरकार को इसका ध्यान रखना होगा। शहर को जाममुक्त किया जाये यही उनकी मांग आने वाली सरकार से है।
व्यापारियों की प्रमुख मांगे
- जीएसटी में हो सरलीकरण।
- उद्योगों में मिले सब्सिडी।
- उद्योग लगाने के लिये मिले जमीन।
- बिजली के कमर्शियल रेट हों कम।
- व्यापारी आयोग का किया जाये गठन।
- उद्योगों को दिया जाये बढ़ावा।

