- चुनावी माहौल में कैंट विधानसभा के वोटरों ने बयां किया अपना दर्द
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चुनाव के दौर में अब वोटर अपनी समस्याएं सामने ला रहे हैं, उनका मानना है कि इससे पहले उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं होती थी। कैंट के वोटरों ने बताया कि स तरह विभिन्न मुद्दों को लेकर वोट डालेंगे।
गुरमीत सिंह साहनी का कहना है कि कैंट में मकान बनाने की समस्या है, सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा है, कूड़े की समस्या जस की तस है। इन समस्याओं को जो भी दूर करने का वचन देगा, उसे ही वोट करेंगे। जनप्रतिनिधियों द्वारा कैंट प्रशासन के सामने समस्याएं रखी जाती है, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिलता। हमारे प्लॉट्स है, लेकिन हम उन पर मकान नहीं बना सकते।
मकान बनाने के लिए हमें परमीशन मिले, जिससे हम अपने मकान बना सकें। बिजनेस के लिए भी अगर दुकानें बनानी है तो वह भी हम नहीं बना पा रहे हैं। सारे प्लॉट ऐसे ही पड़े हैं, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल से बात की गई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
संजय पंडित का कहना है कि कैंट क्षेत्र में समस्याएं तो काफी है। जैसे-जलभराव, गंदगी, सड़कें टूटी-फूटी है। इसके साथ ही महंगाई का मुद्दा भी है, बेरोजगारी तो है ही। कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से बात की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है। इसके अलावा कुछ नहीं होता है।
जनता की समस्या दूर होनी चाहिए, तभी तो जनता वोट डाली जाएगी। जब समस्याएं ही दूर नहीं होगी तो आदमी वोट डालने भी नहीं जाता है। वोट करने से पहले वोटर सोचता है कि पता नहीं कौन-सी पार्टी का विधायक होगा तो वह वोटिंग से पीछे हट जाते हैं। जनता के मन में गुस्सा और आक्रोश आ जाता है। इसी वजह से लोग वोटिंग नहीं करते। समस्याएं हल होंगी तो वोट भी डलेगा।
नफीस अहमद खान का कहना है कि उनके सामने सबसे अहम् मुद्दा विकास है, क्योंकि वह कैंट क्षेत्र में रहते हैं तो यहां की विभिन्न समस्याएं है। जैसे-मकान बेचना चाहे तो रजिस्ट्री बंद है। मकान बनवाना चाहे तो कैंट बोर्ड प्रशासन बनाने नहीं देता, परमीशन नहीं मिलती। नाली-खड़ंजों की समस्याएं है, कैंट अब पहले जैसा नहीं रहा।
40 प्रतिशत नाले बंद पड़े हैं, उनमें मिट्टी भरी हुई है। कोई देखने वाला नहीं है, शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। हमारे सामने की सड़क कई सालों से खराब है, सब्जी मार्केट की, यहां शाम को बड़ी संख्या में दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां तक कि डिफेंस कॉलोनी तक लोग सब्जियां लेने पहुंचते हैं, लेकिन सड़क जर्जर हालत में है। रोज ही बाइक सवार यहां गिरते है, कई बार पैदल चलने वाले भी चोटिल हो जाते हैं। यही समस्याएं है, इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ही मतदान करेंगे।
विश्रुत का कहना है कि गंगानगर में रहते हैं। उनका मानना है कि उनके क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या सड़कों पर होने वाले गड्ढे हैं। क्षेत्र की सारी सड़कें ठीक होनी चाहिए, जिससे दुघर्टना न हो। आजकल स्कूलों की फीस कॉफी महंगी होती जा रही है। जिसे हर कोई अफोर्ड नहीं कर पाता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए।
गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। शिक्षा को एक व्यवसाय की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से जब भी बात की गई तो वह यही कहते हैं कि जल्दी ही इन समस्याओं पर काम किया जाएगा, लेकिन होता कुछ भी नहीं है।

