- शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को देखते हुए विद्यार्थी भी पहुंचने लगे आधार बनवाने
- आवेदकों को आधार कार्ड बनवाने के लिए तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वर्तमान समय में प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनवाने वाले आवेदकों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आलम ये है कि बैंकों व उप डाकघरों में आधार कार्ड संबंधित प्रक्रिया पर सहीे से कार्य ना होने के कारण पूरा लोड प्रधान डाकघर में ही आ गया हैं।
इसी वजह से हर रोज आवेदक रात से ही आधार कार्ड बनवाने के लिए डाक विभाग के बाहर एकत्रित हो जाते हैं। जबकि डाकघर में सुबह आठ बजे से विभाग की तरफ से आधार कार्ड संंबंधित कार्य के लिए टोकन वितिरण किया जाता हैं।
सुबह 10 बजे से आधार कार्ड का कार्य किया जाता है, लेकिन आवेदकों को आधार कार्ड बनवाने के लिए तमाम परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
उसमें भी कई बार उनका कार्य नहीं हो पाता। इन्हीं सभी बातो को ध्यान में रखते हुए जनवाणी टीम ने सोमवार को आधार कार्ड बनाने वाले आवेदकों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह सभी अपना सारा काम छोड़कर आधार कार्ड बनवाने के लिए आते है। क्योंकि बिना आधार कार्ड उनका कार्य नहीं हो पाता है। चाहे बैंक में खाता खुलवाना हो या फिर सरकारी योजना का लाभ लेना हो सभी के लिए आधार आवश्यक हो गया है।
आधार में करेक्शन कराने वालों की ज्यादा भीड़
डाकघरों में इन दिनों आधार कार्ड बनवाने से ज्यादा करेक्शन कराने वालों की भीड़ देखने को मिल रही है। आधार कार्ड संबंधित कार्य करने वाले कर्र्मचारियों ने बताया कि आधार कार्ड में उम्र, नाम, पता सहीं करवाने वालें आवेदक ज्यादा होते हैं। वहीं आवेदकों ने बताया कि जब शिविर के माध्यम से आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। तब उन्होंने आधार कार्ड बनवाए थे, लेकिन आधार कार्ड में हिंदी में नाम सहीं है तो अंग्रेजी में गलत, अंग्रेजी में सहीं है तो हिंदी में गलत जिस कारण बैंकों में एवं अन्य कार्यों में बाधाएं आती हैं।
विद्यार्थी भी पहुंचने लगे आधार कार्ड बनवाने
विभिन्न शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है। जिसके लिए विद्यार्थियों को आधार कार्ड की आवश्यकता होती हैं। इसी वजह से अब वह भी आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघरों में चक्कर बनाने लगे है। छात्रों ने बताया कि आस पास आधार कार्ड नहीं बन रहे इसलिए वह प्रधान डाकघर में आकर आधार कार्ड बनवा रहे हैं।
डाकघर में नहीं हो रहा नियमों का पालन
डाक विभाग में अधिकारी व कर्मचारी सुबह को दो गज की दूरी के साथ व्यवस्था करवाते है। जिससे संक्रमण का खतरा ना बढ़े, लेकिन यह व्यवस्था कुछ ही देर में धराशायी हो जाती है। क्योंकि आवेदक जल्दी-जल्दी के चक्कर सभी नियमों को ताक पर रखते हैं।
जबकि सभी के फार्म जमा होते है और फार्म के अनुसार प्रत्येक आवेदक को आवाज देकर उनका कार्य किया जाता है फिर भी आवेदक नियमों को नहीं मानते। वहीं, दूसरी ओर पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व शहर विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी आवेदकों की परेशानियों को देखते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर समस्या का समाधान करने के लिए कहा था। देखना होगा कि आने वाले समय में आवेदकों की परेशानियों को दूर करने के लिए कोई कार्य होगा या नहीं।
शासन के नियमों अनुसार ही आधार संबंधित कार्य किया जाता है। इसलिए सुबह आठ बजे से टोकन व्यवस्था की जाती है, लेकिन आम जन में काफी लोग नियमों का पालन नहीं करते। हालांकि कर्मचारियों द्वारा सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाता हैं। उन्होंने बताया कि आवेदकों की संख्या को देखते हुए दो मशीनों पर कार्य किया जा रहा है।
-हरीश कुमार, पोस्ट मास्टर

