- आवास विकास ने कई अवैध निर्माणों की फाइल एमडीए को भेजी
- कई निर्माणों के मामले में अंतरिम नोटिस भी भेजा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आखिरकार आवास विकास ने आवासीय में कमर्शियल यूज करने वालों की फाइल बनाकर अब एमडीए भेज दी है। इसके अलावा निर्माण शुरू करने वालों को अंतरिम नोटिस भी जारी किया है, जिसके बाद उनके ऊपर भी सीलिंग की कार्रवाई की जायेगी। अब एमडीए की ओर से जल्द ही सीलिंग की कार्रवाई की जायेगी। आवास विकास ने सभी की सूची बनाकर एमडीए को भेज दी है।
बता दें कि आवास विकास के शास्त्रीनगर क्षेत्र में कुछ जगहों पर अवैध रूप से निर्माण हो रहा है। यहां कई लोगों ने आवासीय में कमर्शियल निर्माण कर यहां प्रतिष्ठान शुरू कर दिये हैं। इनमें एल-1937 में निर्माण हो चुका है। जिसमें एमडीए को दूसरी बार सीलिंग की कार्रवाई के लिये आवास विकास की ओर से फाइल भेजी गई है। ऐसा ही एक मामला डी-31 का है जिसमें दूसरी बार इसकी फाइल एमडीए अधिकारियों को सीलिंग के लिये भेजी गई है।
इसके साथ साथ डी-2 डिलीसियस स्वीट्स की फाइल भी एमडीए को सीलिंग की कार्रवाई के लिये भेजी गई है। आवास विकास की प्रॉपटी पर सीलिंग करने का अधिकार एमडीए अधिकारियों को है। यहां आवास विकास की ओर से कई निर्माणों की फाइल दो बार भेजी जा चुकी है, लेकिन चुनाव के चलते उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी, लेकिन अब सोमवार को एक बार फिर से फाइलों को एमडीए भेजा गया है। जिस पर कार्रवाई लगभग तय है। अब डिलीसिय स्वीट्स समेत सभी निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की जायेगी।
निर्माण रोकने को अंतरिम नोटिस भेजा
शास्त्रीनगर एल ब्लॉक 1655 में आवास विकास परिषद की ओर से सोमवार को अंतरिम नोटिस भेजा गया है। यहां भी निर्माणकर्ता ने अवैध रूप से पूरा तीन मंजिला निर्माण कर लिया और आवास विकास को भनक तक नहीं लगी। यहां निर्माण के बाहर एक जेनसेट भी लगकर तैयार हो चुका है और यहां जल्द ही कोई बड़ा भवन बनकर शुरू होने वाला था, लेकिन सोमवार को अधिकारियों ने यहां नोटिस जारी किया और उन्हें कार्य रुकवाने की चेतावनी दी। अगर यहां कार्य नहीं रुका तो इसकी फाइल भी एमडीए को भेजकर कार्रवाई की जायेगी। आवास विकास के जेई दुजई राम ने बताया कि डी-1 समेत कई निर्माणों की फाइल एमडीए को भेज दी है। अब इन पर सीलिंग की कार्रवाई की जायेगी।

