- 20 दिन पहले हत्या की आशंका जताते हुए दो के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में घर लौट रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका ऐलानिया कत्ल किया गया है। जिन्होंने हत्या की है, उनके खिलाफ कुछ दिन पहले ही हत्या की आशंका जताते हुए थाना परीक्षितगढ़ में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पिता ने हत्या की तहरीर दी है। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव अमरसिंहपुर निवासी प्रियांशु पुत्र संजीव शहर के बच्चा पार्क स्थित एक आॅटोमोबाइल कंपनी में काम करता था। रविवार की शाम को करीब आठ बजे वह ड्यूटी खत्म कर घर जाने की बात कहकर कंपनी से निकला।
वह रात भर घर नहीं पहुंचा। परिवार वाले उसका इंतजार करते रहे। आज सुबह उसका गोली लगा शव गांव के रिंकू सोनी के खेत के पास पड़ा मिला। प्रियांशु की हत्या की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर एसपी देहात कमलेश बहादुर व एसओ परीक्षितगढ़ विजय बहादुर मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मृतक के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के दो सगे भाइयों सुशील व अर्पण पुत्र योगेन्द्र शर्मा के खिलाफ तहरीर दी है।
मृतक के पिता संजीव पुत्र भोपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए बीते 27 मई को गांव के अर्पण शर्मा व सुशील शर्मा पुत्रगण योगेन्द्र शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने उक्त के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन लिखा पढ़ी करने के बावजूद पीड़ित को ना तो सुरक्षा ही दी ना ही मुकदमे में वांछितों के खिलाफ कोई कार्रवाई ही की। वहीं, इस संबंध में एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि हत्या की तहरीर दी गयी है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
थाने में सीओ से जमकर बहस
पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रियांशु की हत्या की वारदात को पुलिस आत्महत्या साबित करने पर तुली है। इसको लेकर थाने में पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता वीरेन्द्र वर्मा काजीपुरिया की सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला के साथ काफी देर तक बहस भी हुई। बकौल एडवोकेट वीरेन्द्र वर्मा पुलिस पहले तो हत्या की इस वारदात को आत्महत्या साबित करने पर तुली रही। पुलिस ने अपनी थ्योरी फिट करने के लिए आनन-फानन में किसी युवती से प्रेम प्रसंग होने की पटकथा तैयार कर ली।
इतना ही नहीं सीओ खुद परिजनों से आत्महत्या की तहरीर लेने पर अड़ी रहीं। अब पुलिस कह रही है कि जिन पर हत्या का आरोप है उनकी कॉल लोकेशन निकलवायी जाएगी। ऐसे में मृतक के परिजन भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह भी तो संभव है कि हत्यारा खुद को बचाने के लिए अपना मोबाइल साथ ही लेकर न आया हो। हत्या की धमकी की जब आॅडियो मौजूद है। परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों की रिश्तेदारी भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री के परिवार में है।
आत्महत्या की दलील बनी गले की फांस
प्रियांशु की हत्या की दलील पुलिस के गले की फांस बन गयी है। दरअसल जिस तमंचे से आत्महत्या की बात कही जा रही है, उसकी नाल में एक गोली फंसी हुई पायी गयी है। यदि आत्महत्या की पुलिस की बात सही मान ली जाए तो क्या यह संभव है कि पहली गोली मारने के बाद आत्महत्या करने वाला दूसरी गोली तमंचे में भरेगा और वो फायर होने के बजाए उसमें फंसी रह जाए। इसके अलावा जो शख्स आत्महत्या तमंचे से करने जा रहा है। उसकी जेब में तीन-चार कारतूस और क्यों निकलेंगे? जबकि तमंचे में तो एक बार में केवल एक ही कारतूस प्रयोग किया जा सकता है। पीड़ित के वकील ने इन्हीं तमाम दलीलों से पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी की हवा निकाल कर रख दी।

