जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्टरी के खिलाफ किसानों और स्थानीय लोगों का विरोध जारी है। पुलिस ने अब तक 107 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
आंदोलनकारी महिलाओं ने पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया और गुरुद्वारे सिंह सभा में गोलियों के खोले भी दिखाए। डर के कारण कई लोग अपने घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों के पास चले गए हैं, जबकि कुछ लोग गुरुद्वारे में शरण लिए हुए हैं।
एडीजी का बयान
एडीजी वीके सिंह ने कहा कि 10 दिसंबर को स्थिति शांत थी, लेकिन बाहर से आए लोगों ने उपद्रव भड़काया।
किसान नेताओं का बयान
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने कहा कि पुलिस के हथियार जंग लगे थे, वरना सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने 17 दिसंबर को कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी।
सादुलशहर भाजपा विधायक भी गुरुवार देर शाम किसानों से बातचीत करने टिब्बी पहुंचे। वहीं, जोगाराम पटेल ने कहा कि यह घटना प्रायोजित थी, आंदोलन नहीं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के बाहर से आए लगभग 1000 लोग फैक्टरी में हिंसा भड़काने के लिए आए थे और जनता से कानून को हाथ में न लेने की अपील की।
10 दिसंबर का घटनाक्रम
बुधवार (10 दिसंबर) को राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी गई और अंदर आग लगा दी गई। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पत्थरबाजी हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायक समेत 70 से अधिक लोग घायल हुए। कुछ घायल रातभर गुरुद्वारे में रुके।
वर्तमान स्थिति
टिब्बी क्षेत्र में इंटरनेट बंद है। फैक्टरी के आसपास रहने वाले लगभग 30 परिवार घर छोड़कर चले गए हैं। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया। आंदोलनकारी परमजीत कौर ने बताया कि धरनास्थल से लौटते समय पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाल पकड़कर खींचा और पीटा, जिससे उनके साथ अत्याचार हुआ।

