Saturday, March 7, 2026
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Delhi News: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी 13 दिन की ईडी हिरासत में, देर रात अदालत में हुई सुनवाई

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के संगीन मामले में बड़ा मोड़ आया है। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने अल-फलाह समूह के चेयरमैन और विश्वविद्यालय के संस्थापक जावद अहमद सिद्दीकी को 13 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रिमांड पर भेज दिया है। यह फैसला देर रात हुई विशेष सुनवाई के बाद सुनाया गया।

रात 11 बजे जज के निवास पर हुई सुनवाई

साकेत कोर्ट की एडिशनल सेशन जज शीतल चौधरी प्रधान के आवास पर देर रात लगभग 11 बजे सिद्दीकी को पेश किया गया। मध्यरात्रि के बाद चैंबर में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि सिद्दीकी के खिलाफ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, फर्जी मान्यता के दावे और विश्वविद्यालय के धन के दुरुपयोग के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अदालत ने रिमांड आदेश में मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए ईडी की दलीलें स्वीकार कीं।

पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी

ईडी ने सिद्दीकी को 18 नवंबर 2025 की देर रात पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। एजेंसी ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए हिरासत में पूछताछ बेहद ज़रूरी है। ईडी का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान अपराध की आगे की कड़ियों, धन के अवैध प्रवाह, संबंधित व्यक्तियों और संभावित साझेदारों की पहचान की जा सकेगी। एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि हिरासत से सबूत नष्ट होने, गवाहों पर दबाव बनने या जांच प्रभावित होने की आशंकाओं को खत्म किया जा सकेगा।

415.10 करोड़ रुपये की संदिग्ध आय पर फोकस

अदालत के समक्ष पेश किए गए वित्तीय विश्लेषण में खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2024-25 के दौरान अल-फलाह संस्थान ने शिक्षा शुल्क आदि से करीब 415.10 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। ईडी का आरोप है कि यह रकम “अपराध से प्राप्त आय” है, क्योंकि इस अवधि के दौरान विश्वविद्यालय ने मान्यता और वैधानिक स्थिति को लेकर जनता के समक्ष गलत दावे किए थे।

अदालत ने माना कि यह धनराशि कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अर्जित की गई लगती है, जो पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध हैं। इसी आधार पर 13 दिन की ईडी रिमांड को उचित ठहराया गया।

लाल किला कार बम धमाका कनेक्शन भी जांच के दायरे में

लाल किला कार बम धमाका मामले में जांच के घेरे में आए फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावद अहमद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी सूत्रों के अनुसार सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी एजेंसी की ओर से यूनिवर्सिटी और उससे संबंधित करीब 25 ठिकानों पर मंगलवार को मारे गए छापे के बाद हुई। गिरफ्तारी से पहले ईडी ने उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए।

लाल किला कार बम धमाका मामले के तार इस यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। इस धमाके को अंजाम देने वाला डॉक्टर उमर नबी इसी विश्वविद्यालय के अस्पताल से जुड़ा था। इसके अलावा सफेदपोश आतंकी नेटवर्क में पकड़े गए कई लोग इस संस्थान से जुड़े हैं। दिल्ली धमाके की जांच आगे बढ़ने पर विश्वविद्यालय भी जांच में दायरे में आ गया है। इस विश्वविद्यालय के वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद अब ईडी ने संस्थापक जावद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की है

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