- दुकानदारों ने चेयरपर्सन से मुलाकात कर की समाधान की मांग
- दुकानदारों को दिया खुद फड़ लगवाने का आश्वासन
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: साप्ताहिक पैंठ का ठेका छोड़ने के बाद पड़ाव शुल्क बढ़ने दुकानदारों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। मंगलवार को पीड़ित दुकानदारों ने चेयरपर्सन पति से उनके आवास पर पहुंच कर मुलाकात की। दुकानदारों ने अपनी पीड़ा बताते हुए समस्या का समाधान कराने की मांग की। उन्होंने आगामी साप्ताहिक पैंठ में खुद सभासदों व गणमान्य लोगों के साथ पहुंच कर फड़ लगवाने व शुल्क का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
नगर पालिका द्वारा निर्माणाधीन मार्केट में साप्ताहिक पैंठ लगवाई जाती है। पैंठ स्थल बदलने के बाद से नगर पालिका कर्मचारी ही पड़ाव शुल्क वसूल कर रहे थे। एक सप्ताह पूर्व तहबाजारी का ठेका छोड़ा गया था। जिसके तहत 18 फीट यानी एक टेबल के 100 रुपये तय किए गए थे। ठेकेदार के लोग शुल्क वसूल करने पहुंचे तो रेट देखकर दुकानदारों के होश उड़ गए। उन्होंने शुल्क अधिक बताते हुए पैंठ का बहिष्कार कर दिया था। जिसके चलते पैंठ नहीं लग सकी थी। अधिकांश दुकानदारों ने पुराने स्थान पर पैंठ सजा ली थी। मामले को लेकर मंगलवार को पीड़ित दुकानदार चेयरपर्सन से उनके आवास पर मिलने पहुंचे।
जहां उन्होंने चेयरपर्सन पति निजाम अंसारी को समस्या से अवगत कराया। बताया कि पहले बड़े फड़ के महज 150 रुपये दिए जाते थे। मगर अब प्रति टेबल सौ रुपये बहुत अधिक हैं। जिसके चलते दुकानदार फड़ नहीं लगा पाएंगे। निजाम अंसारी ने कहा कि आगामी पैंठ में वह खुद सभासदों व गणमान्य लोगों के साथ पहुंचेंगे और सभी के फड़ लगवाकर रेट तय कराएंगे। उन्होंने समस्या का समाधान कराने का आवासन दिया। वहीं, दूसरी ओर दर्जनभर महिलाएं नगर पालिका पहुंची। उन्होंने ईओ से पुराने स्थान पर पैंठ लगवाने की मांग की। इस मौके पर दीपक बीना, बबीता, गीता, विकास, रचना, राधे श्याम, विक्रम, कैलाशी आदि मौजूद रहे।
दुकानदारों को दी जा रही थी रसीद के नाम पर फोटो
अब तक पैंठ में दुकानदारों को बड़े फड़ दिए जा रहे थे। एक दुकानदार 5 से 10-15 टेबल तक जगह उपयोग में ला रहा था। जिसके चलते उनके द्वारा 150 से 300 रुपये तक की रसीद कटाई जा रही थी। दुकानदारों ने चेयरपर्सन पति को रसीद दिखाई तो पता चला कि उनमें अधिकांश फोटो कॉपी हैं। उन्होंने बताया कि पहले पैंठ में करीब 55 हजार रुपये की वसूली होती थी। मगर नए स्थल पर महज 30-35 हजार राजस्व हो रहा है। यानी पालिका को बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच कराई जाएगी कि फोटो कॉपी के आधार पर पैसे कौन उगाह रहा था।
चोरी से कीमती पेड़ काटकर ले जाते शातिर दबोचे
फलावदा: थाना क्षेत्र के गांव बहजादका के पास गांव के ही चरण सिंह पुत्र हृदय राम के बाग से सागौन का पेड़ काटकर चोरी कर लिया गया। चोरी का माल ठिकाने लगाने के लिए मवाना से एक छोटा हाथी भाड़े पर लिया गया था। गाड़ी में चोरी की लकड़ी लाद कर शातिर चोर भाग रहे थे। इसी बीच वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अमीरुद्दीन पुत्र शहाबुद्दीन निवासी ग्राम खेड़ी तथा जाने आलम पुत्र यामीन, इमरान पुत्र इरफान निवासी मुन्नालाल मवाना को गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया है कि पकड़े गए शातिर लोग योजना के तहत कीमती पेड़ काटकर चोरी करते हैं। उन्होंने इस वारदात को अंजाम देने के लिए मवाना के एक व्यक्ति की गाड़ी किराए पर ली तथा जंगल में पेड़ काट डाला। पुलिस ने चरण सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। गाड़ी का चालक फरार बताया जा रहा है। पुलिस गाड़ी को कब्जे में ले लिया है। वहीं, गाड़ी पकड़ी जाने की खबर मिलते ही गाड़ी मालिक ने मवाना थाने में चालक में गाड़ी गायब होने की तहरीर दे दी। हालांकि पुलिस ने तहरीर पर पर कोई संज्ञान नहीं। तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सरूरपुर थाने से हर कोई तबादला कराने के मूड में
सरूरपुर: थाने पर इंस्पेक्टर का तबादला होने के बाद थाने व पुलिस चौकी पर तबादला फोबिया का खुमार चढ़ा हुआ है। हालात यह है कि थाने पर सब इंस्पेक्टर से लेकर पुलिसकर्मी तक रहने को तैयार नहीं है। ज्यादातर पुलिस कर्मी छुट्टी पर हैं तो वहीं कई अपना तबादला कराने की जुगाड़ में लगे हुए हैं। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में लगातार हो रही अवैध मीट कटान और गोकशी को माना जा रहा है। इसे रोकने में फिलहाल पूरी तरह फेल है और अधिकारियों की लगातार फटकार मिल रही है। सरूरपुर थाने में तबादला फोबिया का खुमार इस कदर चढ़ा है कि कई कई दारोगा व महिला दारोगा, सिपाही तक ने भी ट्रांसफर की जुगत लगा रखी है।
कई पुलिसकर्मी तो छुट्टी लेकर चले गए हैं और कई पुलिसकर्मी छुट्टी पर जाने के बाद जानबूझकर गैर हाजिर भी हो रहे हैं। क्योंकि इसके बाद उनकी सीधी लाइन में आमद होगी। तबादला फोबिया के चलते कई पुलिस कर्मियों को खास से आम बनाकर पैदल कर दिया गया तो कई को आम से खास भी बनाया गया है। थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ का जहां दो दिन पहले तबादला हो गया। वहीं, अन्य सब इंस्पेक्टर भी तबादले की लाइन में हैं। अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आने वाली हर्रा चौकी पर तैनात चल रहे अरुण को भी यहां से हटाकर थाने पर अटैच कर दिया गया। वहीं, नवागत थानाध्यक्ष शुक्ला के सामने कई चुनौतियां हैं। इनमें अवैध मीट कटान रोकना और गोकशी बंद कराना मुख्य है।

