जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: खाद के गड्ढों को कब्जामुक्त कराने के लिए लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगना महंगा पड़ा। एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को 10 हज़ार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम द्वारा कोतवाली में लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दरअसल, निरपुडा गांव में सरकारी खाद के गड्ढे हैं। इन गड्ढों पर गांव के ही इंद्रपाल ने कब्जा कर रखा है। इन गड्ढों को कब्जामुक्त कराने के किये ग्रामीण जगदीश पुत्र अजब सिंह सम्पूर्ण समाधान दिवस से लेकर बागपत में भी अधिकारियों से शिकायत कर गुहार लगा चुका था।
इस प्रकरण की जांच सिनोली गांव निवासी लेखपाल कृष्णपाल द्वारा की जा रही थी। कृष्णपाल दाहा, दोघट, भड़ल क्षेत्र के भी लेखपाल हैं। शिकायतकर्ता ग्रामीण जगदीश द्वारा लेखपाल कृष्णपाल से भी इन गड्ढों को मुक्त कराए जाने की गुहार कई बार लगाई। आरोप है कि 27 जनवरी 2022 को लेखपाल द्वारा इन खाद के गड्ढों को मुक्त कराने की एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी।
जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जगदीश ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो मेरठ को इसकी लिखित शिकायत की। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने लेखपाल को पकड़ने के लिए योजना बनाई। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के इंचार्ज विजय सिंह के साथ अशोक शर्मा, नवल, हेड कांस्टेबल राखी शर्मा बड़ौत तहसील पहुँचे।
शिकायतकर्ता जगदीश ने जब मांगी गई रकम 10 हज़ार रुपये लेखपाल कृष्णपाल को थमाई तो मौके पर ही एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों दबौच लिया। लेखपाल द्वारा ली गयी रिश्वत में वे ही नोट शामिल थे, जिनपर कैमिकल लगाया हुआ था। लेखपाल की गिरफ्तारी होते ही तहसील में अफरा तफरी मच गई। लेखपाल को बड़ौत कोतवाली लाकर उसके खिलाफ टीम इंचार्ज विजय सिंह ने मुकदमा दर्ज करा दिया है।

